
दूध परिवहन को उदयपुर डेयरी में चौंकाने वाली गणित सामने आई है। इसने पूरे सहकारी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजार में दूध टैंकर का औसत किराया करीब 25 रुपए प्रति किलोमीटर है, वहीं डेयरी में एक साल से यही काम महज 9.91 रुपए प्रति किमी में कराया जा रहा है।
उदयपुर. दूध परिवहन को उदयपुर डेयरी में चौंकाने वाली गणित सामने आई है। इसने पूरे सहकारी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजार में दूध टैंकर का औसत किराया करीब 25 रुपए प्रति किलोमीटर है, वहीं डेयरी में एक साल से यही काम महज 9.91 रुपए प्रति किमी में कराया जा रहा है। इतना बड़ा अंतर सिर्फ बचत का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है, यह जांच का विषय है। डेयरी के टैंकर प्रतिदिन 160 से 200 किमी तक चलते हैं। ऐसे में प्रति किमी करीब 15 रुपए का अंतर सीधे-सीधे बड़े सवाल खड़े कर रहा है। क्या ट्रांसपोर्टर वास्तव में घाटा खाकर काम कर रहे हैं, या इसकी भरपाई किसी और तरीके से की जा रही है।
रेट की गणित
बाजार में टैंकर दर- 22- 25 प्रति किलोमीटरडेयरी में भुगतान दर- 9.91 प्रति किलोमीटर
प्रति किमी अंतर- करीब 15 रुपएप्रतिदिन दूरी- 160–200 किमी प्रति टैंकर
कुल रूट- 15प्रति टैंकर क्षमता- 10,000 लीटर
कुल दूध संग्रहण- लगभग 1 लाख लीटर प्रतिदिनसवाल: इतना घाटा सह कर टैंकर संचालन कैसे संभव
ट्रांसपोर्टरों के अलग-अलग चौंकाने वाले बयान
एक टैंकर संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि टेंडर के दौरान प्रतिस्पर्धा में 9.91 रुपए की दर आ गई। वर्षों से काम कर रहे थे, इसलिए हामी भर दी, पर पूरे साल घाटा उठाना पड़ा। अनुबंध की शर्तों के कारण बीच में काम छोड़ भी नहीं सकते थे, नहीं तो बैंक सिक्योरिटी जब्त हो जाती। बाकी अन्य ने क्या किया यह कुछ नहीं बताऊंगा। वहीं, कुछ अन्य संचालकों ने इस विषय पर खुलकर बोलने से इनकार कर दिया। एक संचालक ने इतना जरूर कहा इस बार कैसे मैनेज किया, यह नहीं बता सकते, लेकिन अगली बार यह दर नहीं चलेगी।
घाटा या गड़बड़ी?
अब जांच का सबसे बड़ा सवालइस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ट्रांसपोर्टर घाटा झेल रहे थे तो उन्होंने इसकी भरपाई कैसे की। सूत्रों के अनुसार, कुछ रूटों पर दूध की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन यदि ऐसा हुआ है तो यह मामला सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और किसानों से भी धोखाधड़ी का है।
लागत बचत का दावा, जांच से ही खुलेगा राज
डेयरी प्रबंधन इसे लागत बचत का परिणाम बता रहा है, पर विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम दर पर निरंतर संचालन व्यावहारिक रूप से संभव नहीं लगता। ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी हो जाता है कि वास्तविक लागत क्या है? टेंडर प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही? और क्या गुणवत्ता से कोई समझौता हुआ? दरों में इतना बड़ा अंतर और उससे जुड़े सवाल के मामलों में इसकी जांच होनी चाहिए।
उदयपुर डेयरी में दूध परिवहन की दरों को लेकर एक असामान्य स्थिति सामने आई है। जहां सामान्यतः टैंकर परिवहन की दर करीब 20 से 25 रुपए प्रति किमी मानी जाती है, वहीं डेयरी में पिछले एक वर्ष से यह कार्य 9.91 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से कराया जा रहा है। इस अंतर ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
जगाराम पटेल, पूर्व चेयरमैन, डायरेक्टर संचालक मंडल
पूर्व में जो टेंडर प्रक्रिया हुई थी, वह एक वर्ष की अवधि के लिए थी, जो अब पूरी हो चुकी है। वर्तमान में नए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं और नई दरों के आधार पर ही आगे संचालन का कार्य आवंटित किया जाएगा।
अशोक सिंह भाटी, महाप्रबंधक डेयरी
Updated on:
07 May 2026 05:49 pm
Published on:
07 May 2026 05:49 pm
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