उदयपुर

पोस्ट कोविड मरीजों में ऐसे सामने आ रही बीमारियां, एमबी में शुरू हुई ओपीडी और वार्ड

- एमबी हॉस्पिटल में खुली पोस्ट कोविड ओपीडी और वार्ड
3 min read
Oct 25, 2020
Feature image

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में पहले से ही कोरोना वार्ड को लेकर जगह की समस्या थी, वहीं दूसरी ओर सरकार ने अब नया आदेश जारी कर जिला मुख्यालयों पर पोस्ट कोरोना वार्ड खोलने के आदेश जारी किए तो यहां एमबी में भी पोस्ट कोविड वार्ड खोल दिया गया है, हालांकि इस वार्ड को स्थापित करने में काफी सिर दर्द हुआ था। वहीं शनिवार से ओपीडी भी शुरू कर दी गई है, हालात ये है कि वार्ड या ओपीडी शुरू होने से पहले ही यहां लगातार कोरोना से ठीक होने वाले मरीज पहुंच रहे थे।

-----

सरकार बोली इन समस्याओं के मरीज आ रहे

- रेस्पिरेट्री डिस्टे्रस

- मेंटल ट्रोमा ऑफ स्टेस

- ट्रांजिटरी डायबिटिज

- कार्डियक प्रोब्लम

- किडनी प्रोब्लम

- पेन्क्रियाज प्रोब्लम

- बॉडी फिगर

----

पोस्ट कोविड मरीजों में उदयपुर के हाल

इस तरह की परेशानी लेकर पहुंच रहे मरीज:

1. रेस्पिरेट्री- टीबी हॉस्पिटल बड़ी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मनोज आर्य ने बताया कि कोविड के मरीज श्वास फूलने (डिस्मियां) की समस्या लेकर आ रहे है, उनका एक्स रे करवाते हैं, पुराना यदि कोई सिटी स्केन करवाया है तो उसे देखते हैं। खास तौर पर अब मरीज इस तरह के आने लगे हैं। फेंपड़ों में समस्या होने के बाद फेब्रोसिस डवलप हो जाता है, हालांकि अभी इसे देख रहे है, बगैर बायप्सी इसका पता नहीं चलता।

- 2. मेंटल ट्रोमा ऑफ स्ट्रेस- मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सुशील खेराड़ा ने बताया कि कोरोना से डर से कई मानसिक रोगी आ रहे है। जो ठीक हो गए उनमें भी डिप्रेशन, फोबिया और एंजाइटी की समस्या देखने मिल रही है। साथ ही जो पहले से बीमार थे, वह ज्यादा डरने लगे है। हालांकि पहले ज्यादातर मरीज फिजिशियन के पास जाते हैं, इसके बाद उन्हें वहां से कई बार यहां की राय लेने के लिए भी कहा जाता है।

- 3. ट्रांजिटरी डायबिटिज - वरिष्ठ फिजिशियन डॉ महेश दवे का कहना है कि कोविड के दौरान व पोस्ट कोविड में ऐसे मरीज आ रहे है जिन्हें कभी डायबिटिज थी ही नहीं जबकि अब वे डायबिटिज का शिकार हो चुके हैं। यानी कई मरीज अब नियमित दवा लेने लगे हैं, कम उम्र यानी 40 से 45 वर्ष में भी ऐसे मरीज सामने आ रहे है, जिन्हें पहले से ही डायबिटिज थी उनकी डायबिटिज बढऩे लगी है। जो दवाओं पर थे, उनमें से कई अब इंसुलीन पर आ चुके है, कोरोना के दौरान या बाद में ऐसा क्यों हुआ यह एक विशेष स्टडी के बाद ही पता चल सकता है।

- 4. कार्डियक प्रोब्लम- हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश शर्मा का कहना है कि अभी कोई पोस्ट कोविड मरीज बड़ी संख्या में सामने नहीं आए है, हां ये बात जरूर है कि कुछ मरीज जो पहले से ही हृदय रोगी है, वे जरूर कोरोना संक्रमण के बाद कुछ कमजोरी अनुभव कर रहे है और अलग-अलग दिक्कते नजर आ रही हैं।

- 5. किडनी प्रोब्लम- वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ मुकेश बडजात्या का कहना है कि जो किडनी के मरीज है, वह जो आ रहे है। वेंटिलेटर पर रहे ऐसे मरीज किडनी की समस्या लेकर आ रहे हैं। वेंटिलेटर वाले मरीजों में एक्यूट किडनी इंसल्ट कहा जाता है। जो मरीज डायलिसिस पर है, वह स्क्रीनिंग में सामने आ गए, लेकिन खास तौर पर वेंटिलेटर वाले मरीज यहां आ रहे हैं। कुछ हाई रिस्क मरीजों को धमनियों में यदि ऑक्सीजन नहीं जा रहा तो इस तरह की समस्या होती है। जिनकी बीपी लॉ है, जो हृदय रोगी है, ऐसे में किडनी की समस्या बढ़ जाती है। इसे सामान्य स्थिति में आने में कुछ सप्ताह लगते है, साथ ही ऐसे मरीजों को डायलिसिस से बाहर आने में भी कुछ समय लगता है। क्रोनिक किडनी इंजरी में तो कोरोना होने की स्थिति में कई दवा दे ही नहीं सकते।

----

हमने एमबी में ओपीडी और वार्ड शुरू कर दिया है, जो भी पोस्ट कोविड मरीज सामने आ रहे हैं, उन्हें बेहतर उपचार मिले इसका प्रयास कर रहे हैं।

डॉ आरएल सुमन, अधीक्षक एमबी हॉस्पिटल उदयपुर

Updated on:
25 Oct 2020 08:02 am
Published on:
25 Oct 2020 08:02 am