उदयपुर

गुरू पूर्णिमा विशेष : ये हैं उदयपुर के आनंद कुमार और ‘सुपर 30’ की तरह तराश रहे प्रतिभाएं

- पिछले करीब साढ़े तीन साल से चला रहे है नि:शुल्क कोचिंग - बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को मिली अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता
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Jul 16, 2019
sanjay lunawat
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भुवनेश पण्ड्या/उदयपुर. हालिया रिलीज सुपर 30 Super 30 फिल्म एक शिक्षक के संघर्ष की दास्तान है जो विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देकर उनके सपने साकार करने में जुटा हुआ है। इस फि ल्म के असल किरदार आनंद कुमार Anand Kumar Super 30 के जीवन से प्रेरित संजय लुणावत द्वारा भी ‘सुपर थर्टी’ की तर्ज पर उदयपुर शहर के सविना क्षेत्र में माय मिशन निशुल्क कोचिंग संस्थान संचालित किया जा रहा है। जिसमें एक बैच में 30 अभ्यर्थी ही होते हैं। ‘माय मिशन’ में अब तक 4000 से भी अधिक विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग प्राप्त कर चुके हैं। ’माय मिशन’जहां अपने अनुशासन के लिए प्रसिद्ध है, वहीं विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रतियोगी कोचिंग के लिए ऑनलाइन नोट्स, ऑडियो भेजने जैसे कई नवाचार किए जा रहे हैं। इससे मेवाड़- वागड़ अंचल के अभ्यर्थियों को वरदान मिला है। साढ़े तीन साल पहले प्रारंभ हुए माय मिशन से लगभग 400 से भी अधिक विद्यार्थी सरकारी सेवाओं में विभिन्न पदों हेतु चयनित हो चुके हैं। संजय गणित और विज्ञान के शिक्षक हैं। यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी मोटिवेशन एवं शिक्षण प्रदान करते हैं। ’माय मिशन’में आर ए एस, शिक्षक, पटवारी, ग्रामसेवक, लिपिक आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नि:शुल्क कराई जा रही है। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कस्बे कुशलगढ़ के निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से निकले संजय ने पहले अपना खुद का कैरियर सवांरा फि र दूसरे युवाओं को क रियर की मंजिल पर पहुंचाने की मुहिम में जुट गए। संजय वर्तमान में राउमाविद्यालय मनवाखेड़ा में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं। और तीन बार आर ए एस परीक्षा हेतु चयनित हो चुके हैं लेकिन अधीनस्थ सेवा मिलने से ज्वाइन नहीं किया। अपने पिता सुरेश चंद्र लुणावत के सेवा कार्य एवं मरणोपरांत नेत्र के कोर्निया दान से प्रेरित संजय की नि:शुल्क शिक्षा की अलख में उनके भाई शुभम जैन सहित 10 से भी अधिक फैकल्टी इस अभियान में निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। कोर्स पूरा कराने के बाद वह अपने विद्यार्थियों से गुरु दक्षिणा के रूप में नेत्र के कॉर्निया दान का आह्वान अवश्य करते हैं। आईपीएस डॉ. दीपक यादव, अतिरिक्त कमिश्नर रामजीवन मीणा, उप जिला कलेक्टर नरेश बुनकर, उप जिला कलेक्टर मुकेश कलाल, एआर ए एस कुशल कोठारी, ए आर टी ओ प्रभु लाल बामनिया, डीटीओ ओम सिंह शेखावत, डीएसपी रोशन पटेल जैसे अधिकारियों से भी प्रेरणा भी मिली है।

Updated on:
16 Jul 2019 12:15 pm
Published on:
16 Jul 2019 06:00 am