
उदयपुर . मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के एक आदेश ने भूगोल के पाठ्यक्रम का नक्शा ही बदल दिया। परीक्षा से ठीक पहले विवि की वेबसाइट पर आए आदेश से भूगोल के विद्यार्थी असमंजस की स्थिति में है। सभी के समझ से बाहर है कि आधे सत्र तक जो पाठ्यक्रम पढ़ा, वही पढऩा है या परीक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम टटोलना पड़ेगा। हालात ये है कि कॉलेज प्रबंधन भी स्थिति से अनजान होना बता रहा है।
दरअसल भूगोल भाग-1 के वल्र्ड रिजनल जियोग्राफी विषय का नया पाठ्यक्रम 30 अक्टूबर को विवि की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। बदलाव के तहत पहले प्रथम यूनिट में पूरा एशिया महाद्वीप पढ़ाया जाता था, अब जापान पढ़ाया जाएगा। इसी तरह दूसरे यूनिट में अफ्रीका की जगह मिस्र, तीसरे यूनिट में उत्तर व दक्षिण अमेरिका की जगह उत्तरी अमेरिका व संयुक्त राज्य अमेरिका, चौथे यूनिट में ब्राजील व पांचवें यूनिट में फ्रांस व न्यूजीलैंड शामिल किए गए हैं।
सवाल परीक्षा का
आधे सत्र में बदलाव की सूचना से विद्यार्थियों असमंजस में है। विद्यार्थी तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें परीक्षा में कौन से पाठ्यक्रम से सवाल पूछे जाएंगे। अगर सूचना के अनुसार नए पाठ्यक्रम से प्रश्नपत्र बनता है तो ज्यादात्तर विद्यार्थियों के पेपर बिगड़ सकते हैं। प्राध्यापक भी यह सोचकर चिंतित है कि अब तक कराया गया अध्ययन कितना काम आएगा।
कहीं साजिश तो नहीं?
विद्यार्थियों ने पुराने सिलेबस से जुड़ी किताबें, पासबुक्स, वनवीक सीरीज, गेस पेपर आदि खरीदे। बुक सेलर्स ने जमकर कमाई की और अब नए पाठ्यक्रम की बात आ रही है। आशंका इस बात की भी है कि कहीं ये साजिश तो नहीं कि पुरानी किताबों से कमाने के बाद अब नई पाठ्य सामग्री से धन बटोरा जाए।
मैं अभी छुट्टियों पर बाहर हूं। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। उदयपुर आकर ही कुछ बोल पाउंगी।
प्रो. साधना कोठारी, डीन, आर्टस कॉलेज व पाठ्यक्रम समिति संयोजक