उदयपुर

चुनाव से पहले चेती सरकार, कानोड़ तहसीलदार ने संभाला पदभार

tahsildar आम समस्याओं के लिए लोगों को नहीं जाना पड़ेगा भींडर
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चुनाव से पहले चेती सरकार, कानोड़ तहसीलदार ने संभाला पदभार
चुनाव से पहले चेती सरकार, कानोड़ तहसीलदार ने संभाला पदभार

उदयपुर/ कानोड़. tahsildar देर से ही सही प्रदेश की सरकार ने भाजपा कार्यकाल में बनाई गई कानोड़ तहसील कार्यालय में तहसीलदार की नियुक्ति को लेकर आखिरकार सुध ली। प्रशासनिक आदेश की पालना में नए तहसीलदार रामनिवास मीणा ने पद्भार संभालने में भी देरी नहीं की। लेकिन, प्रस्तावित जिला परिषद एवं आगामी दिनों में तय कानोड़ नगर निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार की ओर से बहुप्रतीक्षित तहसीलदार पद पद दिखाई गई मेहरबानी चर्चाओं में बनी हुई है। बता दें कि प्रदेश में भाजपा के शासन काल में तत्कालीन विधायक रणधीरसिंह भींडर के नेतृत्व में कस्बेवासियों ने क्षेत्र में तहसील कार्यालय खोलने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद दबाव में आई सरकार ने आनन-फानन में कानोड़ को तहसील बनाने का निर्णय लिया, लेकिन तबसे अब तक यानी प्रदेश की सरकार बदलने के बावजूद किसी तहसीलदार ने नई तहसील की जिम्मेदारी नहीं ली। प्रशासनिक आदेश पर राजसमंद से गोवद्र्धनलाल त्रिवेदी को तहसीलदार लगाया गया, लेकिन उन्होंने जोइन नहीं किया। इसके बाद दूसरी बार नरेंद्र औदीच्य का नाम तबादला आदेश में देखने को मिला, लेकिन बदली आदेश की तरह आदेश में कुछ घंटों बाद ही संशोधन हो गया। गत 26 अगस्त को अकलेरा झालावाड़ से राम निवास मीणा को एक बार फिर कानोड़ तहसीलदार लगाने के आदेश हुए, लेकिन आदेश हवा ही हो गए। दूसरी ओर हाल ही में रेवन्यू बोर्ड की ओर से जिला कलक्टर को जारी निर्देश की पालना में शुक्रवार को मीणा ने पदभार संभाला। tahsildar पहले तहसीलदार की नियुक्ति के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। खास तो यह रहेगा कि मामूली काम को लेकर भी कानोड़ वासियों को अब भींडर तक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

Published on:
11 Nov 2019 06:00 am