उदयपुर. आम मरीजों को राहत पहुंचाने का दावा करते हुए प्रतिदिन हजारों रुपए की भुगतान शर्तों के साथ निजी चिकित्सकों की तलाश करने में जुट गई है।
उदयपुर . इन सर्विस डॉक्टर्स की 33 सूत्रीय मांगों को सुलझाने में अब तक विफल रही सरकार आम मरीजों को राहत पहुंचाने का दावा करते हुए प्रतिदिन हजारों रुपए की भुगतान शर्तों के साथ निजी चिकित्सकों की तलाश करने में जुट गई है।
प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने गुरुवार को सभी जिला कलक्टरों के नाम फरमान जारी कर चिकित्सकों की तलाश करने के साथ उन्हें निर्धारित मेहनताने का प्रतिदिन भुगतान करना सुनिश्चित किया है। योग्यता के तहत एमबीबीएस, विशेषज्ञ चिकित्सक (एमडी/ एमएस डिप्लोमा) के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूरा जोर लगाया जा रहा है, लेकिन देर शाम तक अधिकांश जिलों में प्रशासनिक स्तर पर किए गए यह प्रयास विफल होने की जानकारी मिली है। चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव की ओर से 9 अधिकारियों को भी इस कार्य के लिए जिम्मेदारी दी गई है।
गौरतलब है कि सेवारत चिकित्सकों के विरोध के साथ रेजिडेंट चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने से सरकार पर मरीज हित का दबाव बढ़ता जा रहा है। निजी अस्पतालों के असहयोगात्मक रवैये से चिंता अधिक बढ़ गई है।
उसी दिन तत्काल मिलेगी जॉइनिंग
व्यवस्था के तहत चिकित्सक सुबह 9 बजे अस्पतालों में पीएमओ/ इंचार्ज को उनके डिग्री एवं रजिस्ट्रेशन की प्रति उपलब्ध कराते हुए सेवाओं में सक्रिय हो जाएंगे। इन्हें प्रतिदिन के आधार पर आरएमआरएस (राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसाइटी) के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। प्रशासनिक अमले को जिम्मेदारी सौंपते हुए विभाग ने अपेक्षा जताई है कि वह अधिकाधिक चिकित्सकों को सेवाओं के लिए प्रेरित करें। ताकि आमजन को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
आदेश में स्पष्ट किया गया कि यह व्यवस्था किसी स्वीकृत पद के विरुद्ध नहीं मानी जाएगी। हड़ताल समाप्ति पर यह व्यवस्थाएं स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी।
यूं रहेगा प्रतिदिन का भुगतान
एमबीबीएस योग्यताधारी को प्रतिदिन 3000 रुपए।
विशेषज्ञ चिकित्सक को प्रतिदिन 4000 रुपए।
रात्रिकालीन ड्यूटी पर अतिरिक्त ड्यूटी भुगतान 700 रुपए।
जारी है काउंसलिंग
हमारे स्तर पर काउंसलिंग चालू है। आउट साइड से भी उदयपुर में चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर सहयोग मिल रहा है। निजी स्तर पर भी चिकित्सकों की मदद लेने के लिए हम कार्यरत हैं।
बिष्णुचरण मल्लिक, जिला कलक्टर, उदयपुर