
बांसवाड़ा संसदीय सीट पर कांग्रेस व बीएपी (भारत आदिवासी पार्टी) का गठबंधन नहीं होने के बाद नए राजनीतिक समीकरण उपजे हैं। इसका असर समूचे मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में देखने को मिलगा। खासकर बांसवाड़ा और उदयपुर की जनजाति आरक्षित सीट को नए समीकरण प्रभावित करेंगे। वहीं पहली बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरी बीएपी चित्तौड़ में भी बड़े वोट बैंक में सेंध लगाएगी। पार्टी ने प्रदेश की छह आदिवासी बहुल लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में बांसवाड़ा संसदीय सीट पर स्पष्ट रूप से त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है। यहां भाजपा की ओर से कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे महेंद्रजीत सिंह मालवीया मैदान में हैं तो कांग्रेस ने नए चेहरे अरविंद डामोर को मैदान में उतारा है। वहीं बीएपी से चौरासी (डूंगरपुर) विधायक राजकुमार रोत चुनाव मैदान में हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव की दृष्टि से देखा जाए तो बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में पांच पर कांग्रेस, दो पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है। लेकिन यहां सभी सीटों पर बीएपी टक्कर में रही। वहीं उदयपुर लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में दो पर बीएपी का कब्जा है। -----विधानसभा चुनाव में यह रहे थे संसदीय क्षेत्र के हाल
उदयपुर (अजजा) लोकसभा सीटभाजपा - 5 कांग्रेस - 1 बीएपी - 2
विधानसभा विधायक दल
1. उदयपुर शहर ताराचंद जैन भाजपा
2. उदयपुर ग्रामीण फूलचंद मीणा भाजपा
3. गोगुंदा प्रताप भील भाजपा
4. झाड़ोल बाबूलाल खराड़ी भाजपा
5. सलूम्बर अमृतलाल मीणा भाजपा
6. खेरवाड़ा दयाराम परमार कांग्रेस
7. धरियावद, प्रतापगढ़ थावरचंद मीणा बीएपी
8. आसपुर, डूंगरपुर उमेश मीणा बीएपी-------
बांसवाड़ा (अजजा) लोकसभा सीट
भाजपा - 2 कांग्रेस - 5 बीएपी - 1
1. बांसवाड़ा अर्जुन बामनिया कांग्रेस
2. बागीदौरा महेंद्रजीत ङ्क्षसह मालवीया कांग्रेस
3. घाटोल नानालाल निनामा कांग्रेस
4. गढ़ी कैलाशचंद्र मीणा भाजपा
5. कुशलगढ़ रमिला खडिय़ा कांग्रेस
6. डूंगरपुर गणेश घोघरा कांग्रेस
7. चौरासी राजकुमार रोत बीएपी
8. सागवाड़ा शंकर लाल डेचा भाजपा
कहां किसके बीच मुकाबला
उदयपुर
भाजपा - डॉ. मन्ना लाल रावत
कांग्रेस - ताराचंद मीणा
बीएपी - प्रकाश बुझ
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बांसवाड़ा
भाजपा - महेंद्रजीत सिंह मालवीया
कांग्रेस - अरविंद डामोर
बीएपी - राजकुमार रोत
चित्तौड़गढ़
भाजपा - चंद्रप्रकाश जोशीकांग्रेस - उदयलाल आंजना
बीएपी - मांगीलाल निनामा
प्रदेश में यहां भी बीएपी के उम्मीदवार
उदयपुर, बांसवाड़ा व चित्तौड़गढ़ के अलावा सिरोही, पाली-जालोर व टोंक-सवाई माधोपुर जैसी आदिवासी बहुल्य सीटों पर भी बीएपी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जाहिर है सभी जगह भाजपा और कांग्रेस के जुड़े आदिवासी वोट बैंक पर ये उम्मीदवार असर डालेंगे।
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हम प्रदेश में छह लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। खासकर बांसवाड़ा, उदयपुर में मजबूत िस्थति में हैं। आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ना हमारा प्रमुख मुद्दा है।
- रमेश मईडा, प्रदेशाध्यक्ष, बीएपी