
सलूम्बर. विधानसभा क्षेत्र के सराड़ा उपखण्ड क्षेत्र की सेमारी पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारी के सात दिन में हुए तीन तबादलों का मामला तूल पकड़ रहा है। स्थायी समिति में बिना प्रस्ताव लिए हुए इस तबादलों को लेकर स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है। समिति की मुखिया प्रधान ने भी अब विकास अधिकारी की हठधर्मिता के साथ नियमों की अवहेलना पर नाराजगी जताई है।
सेमारी पंचायत समिति के विकास अधिकारी की ओर से ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) कमलेश मीणा का कमलेश मीणा के सात दिनों में 3 बार हुए तबादले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आदेश के तहत सचिव मीणा का पहला तबादला 8 मई को पाल सराड़ा से धनकवाड़ा पंचायत किया गया। इसी तरह 10 मई को धनकावाड़ा से इसी ग्राम विकास अधिकारी का तबादला पुन: पाल सराड़ा से बलुआ पंचायत और 16 मई को बलुआ से काली घाटी पंचायत में किया गया।
यह बोलीं प्रधान
इधर, प्रधान सोनल मीणा ने बताया कि सचिव के तबादले को लेकर पंचायत समिति स्तर पर प्रशासन स्थापना स्थायी समिति का पंचायती राज के तहत सरकार की ओर से गठन किया हुआ है। तबादले से पहले समिति की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित करने का प्रावधान है।
नियम जानते हुए भी विकास अधिकारी की ओर से मामले में जल्दबाजी की गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि विकास अधिकारी की ओर से पूर्व में भी मनमानी के मामले सामने आए हैं। इस मामले में जिला परिषद की बैठकों में भी आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसलिए किया तबादला
पहला तबादला समिति की मंजूरी से हुआ। दूसरा स्थनांतरण बलुआ सचिव की लंबी छुट्टी को देखते हुए किया था, जबकि तीसरा तबादला बलुआ सचिव के छुट्टी पर जाने के कारण करना पड़ा
विशाल छीपा, विकास अधिकारी, सेमारी
गलत है इस तरह का तरीका
एक ही सप्ताह में तीन बार तबादला आदेश जारी करना गलत है।
अजमल खान,जिला उपाध्यक्ष, राग्रासे संघ