
उदयपुर. TLM competetition विद्या भवन गोसे शिक्षक महाविद्यालय में हुई चार दिवसीय टीएलएम कार्यशाला में रोचक मॉडल दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। कक्षाकक्ष में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को रोचक बनाने के उद्देश्य से हुए आयोजन टीचिंग लर्निंग मेटेरियल निर्माण की बारीकियों को ध्यान रखा गया। बतौर अतिथि टीएलएम प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रो. डीएन दानी ने किया।
समन्वयक डॉ. मालचंद काला ने जानकारी देते हुए बताया कि बीएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण अधिगम सामग्री तैयार करने के लिए महाविद्यालय में चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियों ने विषय से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए रोचक शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण किया। इसमें कला, विज्ञान व वाणिज्य तीनों संकाय के प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की। कार्यशाला के समापन पर तैयार मॉडल व टीएमएल की प्रदर्शनी लगाई गई। निर्णायकों के स्तर पर संकायवार श्रेष्ठ टीएलएम का चयन किया गया। प्रदर्शनी में हिंदी विषय में खेल-खेल में समास शिक्षण, रस शिक्षण के मॉडल ,वर्ग पहेली, संस्कृत विषय में धातुरूप-यंत्र जैसे क्रियाशील मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे, इसी प्रकार विज्ञान में ग्रेफाइट व कार्बन के प्रतिरूप प्रदर्शित किए। न्यूरोन व मानव नैत्र की कार्यप्रणाली, विभिन्न ज्यामितिय आकृतियों के कोणों की माप के मॉडल में भी दर्शकों ने खासी रूचि ली। इसी प्रकार ज्वालामुखी, जल प्रदूषण, भविष्य के एटीएम, सिंधुघाटी सभ्यता, भारत के राज्यों की विशेषताओं, लेखांकन चक्र, सेव अर्थ, 1857 की क्रांति के स्थल आदि विषयों को रोचकता के साथ सिखाने के लिए भी चार्ट व मॉडल का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी के समापन पर आयोजित समारोह में प्राचार्या प्रो. सुषमा तलेसरा ने कहा कि बालक प्रारंभ से ही जिज्ञासु होते हैं। अत: वे अवलोकन, अनुभूति एवं क्रियात्मक गतिविधियों में गहरी रूचि लेते हैं। चार्ट, मॉडल विद्यार्थियों की रूचि को और अधिक जाग्रत करते हैं। आनंददायी शिक्षा की अवधारणा को साकार करते हैं। TLM competetition बेहतर शिक्षक वही होता है जो निरंतर अपने शिक्षण में नवाचारों का समावेश करते हैं तथा विद्यार्थियों को चिंतन मनन के लिए प्रेरित करते हैं।