उदयपुर

कोटड़ा में शिक्षा की बदहाली : पौने पांच करोड़ खर्चे, फिर भी अधूरे हैं शिक्षक आवास

शिक्षक ठहरेंगे तो स्कूल पहुंचेंगे, पर ठहरे कहां?
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Mar 19, 2019
Twenty-five million cost, yet unfulfilled teacher housing.
कोटड़ा में शिक्षा की बदहाली : पौने पांच करोड़ खर्चे, फिर भी अधूरे हैं शिक्षक आवास

चन्दनसिंह देवड़ा/उदयपुर . आदिवासी बहुल कोटड़ा में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 5 वर्ष पहले शिक्षक आवास भवन की नींव यह सोचकर रखी गई कि यहां शिक्षक ठहरेंगे तो स्कूल में पहुंचेंगे लेकिन आज भी पौने पांच करोड़ रुपए खर्च करने के बाद यह भवन अधूरा पड़ा है। इसमें शिक्षिकाओं के लिए एक कमरा भी नहीं बना। शिक्षकों के लिए जो 45 कमरे बनाए, उनमें भी ठहरने लायक सुविधाओं की खामी होने से कोई मजबूरी में ही रुकता है।
अप्रेल 2013 में इस भवन की नींव रखी गई और जुलाई 2014 में 4 करोड़ 74 लाख रुपए का यह प्रोजेक्ट को पूरा करना था। कार्यकारी एजेंसी सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टेंडर कर यह काम चिराग इंफा प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा। परिसर में मुख्य भवन, किचन व डाइनिंग ब्लॉक, महिला ब्लॉक, चौकीदार क्वार्टर, चारदीवारी, सम्पर्क सडक़, वाटर हार्वेस्टिंग, ट्यूबवेल और सोलर हिटिंग सिस्टम का काम होना था लेकिन 45 कमरों के निर्माण अलावा कुछ नहीं हुआ। डाइनिंग हॉल का काम अभी चल रहा है।

असुविधा के बीच ठहरे हैं 18 शिक्षक
भवन अभी टीएडी को हस्तांतरित नहीं हुआ है। कोटड़ा ब्लॉक में करीब 200 नए शिक्षकों की पोस्टिंग हुई है। उनको कोटड़ा में रहने की जगह नहीं मिली तो वार्डन लीलाराम पंड्या ने शिक्षक आवास भवन में एक बारगी कमरे आवंटित कर जगह उपलब्ध करवाई लेकिन सुविधाओं की कमी से ये परेशान हैं। शौचालयका काम अधूरा है। कुछ शिक्षक खेड़ब्रह्मा से अपडाउन कर रहे हैं।

जगह बदलने से बिगड़ा खेल
जब टेण्डर किया, तब जगह दूसरी थी लेकिन बाद में दूसरी जगह जमीन आवंटित कर दी गई। ऐसे में पहाड़ी और चट्टानी जमीन से खर्चा ज्यादा बैठ गया। पीडब्ल्यूडी को पौने पांच करोड़ दिए गए जिसमें बिजली संबंधी कार्य का पैसा शामिल नहीं था। इस पर 60 लाख रुपए खर्च होने से बजट गड़बड़ा गया। 54 में से 45 कमरे बन गए हैं। शिक्षिकाओं के लिए 12 में से एक भी कमरा नहीं बन पाया है। विभाग एक करोड़ रुपए की डिमाण्ड कर रहा है जिससे इस काम को पूरा किया जा सके। लाइब्रेरी, मैस, खेल मैदान और अन्य कार्यों के लिए 2 करोड़ 80 लाख रुपए की डिमांड 2014 में भेज रखी है।

न पानी व शौचालय, बिजली भी कटी
शिक्षक आवास भवन के आधे कमरों में बिजली का बल्ब तक नहीं जलता है। पीने का पानी की कोई व्यवस्था नहीं क्योंकि ट्यूबवेल का पॉइंट ढके हुए टैंक के अंदर है। ऐसे में तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। मैस सुविधा नहीं होने से होटल या ढाबे पर जाकर भोजन व्यवस्था करनी पड़ती है। जुलाई से 60 हजार रुपए का बिजली का बिल जमा नहीं हुआ जिससे कनेक्शन कट गया। पीडब्ल्यूडी ने तीन चौकीदार तैनात किए जिन्हें 3 माह से मानदेय तक नहीं दिया है।


ये बोले जिम्मेदार
जमीन बदलने से ज्यादा राशि खर्च हो गई। काम पूरा करने के लिए हमने बजट डिमाण्ड भेज रखी है। इलेक्ट्रिक कार्य के 12.5 प्रतिशत राशि हमें अलग से मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। प्रोजेक्ट पूरा होने में अभी करीब 3 करोड़ रुपए की और जरूरत है। - आरएन मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी कोटड़ा

शिक्षक आवास विभाग को हस्तांतरित नहीं हुआ, फिर भी 18 शिक्षक ठहराए गए हैं लेकिन पानी व शौचालय की दिक्कत है। बिजली का कनेक्शन कटा हुआ है। बाहरी शिक्षक मिले हैं लेकिन ठहरने की जगह नहीं मिलेगी तो यह फिर से चले जाएंगे। - लीलाराम पंड्या, वार्डन शिक्षक आवास भवन कोटड़ा

Updated on:
19 Mar 2019 12:48 pm
Published on:
19 Mar 2019 12:48 pm