
प्रमोद सोनी / उदयपुर. नवरात्र महोत्सव अंतिम पड़ाव पर है। शहरभर में आयोजनों की धूम है। इसी बीच दुर्गाष्टमी पर रविवार को घर-घर कन्या पूजन हुआ, वहीं शक्तिपीठों, मंदिरों में भीड़ रही। कई जगह लोक देवता के स्थानकों, देवरों से ज्वारा विसर्जन का दौर शुरू हो गया। अधिकांश जगहों पर सोमवार को विसर्जन होगा। इधर, गरबा महोत्सव भी परवान पर है।शहर के प्रमुख मन्दिर अम्बामाता, बेदला माता, नीमज माता, कालका माता, अन्नपूर्णा माता, करणी माता, आवरी माता मंदिरों में भीड़ रही। सार्वजनिक स्थलों पर जरुरमंदों को दान किया गया। शाम को गरबा पांडालों में डांडियों की धूम रही। विभिन्न समाजों के नोहरों में हुए आयोजनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई।--बंग भवन में पूजनभूपालपूरा स्थित बंग समाज दुर्गा बाड़ी समिति भवन में 58वीं दुर्गा पूजा की गई। सुबह 7 बजे अष्टमी, दोपहर 1.45 बजे सन्धी पूजा की गई। महिलाओं ने आरती की। शाम 7 बजे संध्या आरती की गई। रात 8.30 बजे संास्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने बंाग्ला नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।--पथवारी पूजनझीलों के घाट पर रविवार को पथवारी पूजन किया गया। नवरात्र व्रतधारी कन्याओं ने गणगौर घाट पर पथवारी पूजन किया। सुबह कन्याएं घाट पर पहुंची। नौ पत्थरों का माता के रूप में पूजन कर प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया।--यहां रही डांडिया की धूमशहर में शाम को डांडियों की धूम रही। जगदीश चौक, धानमंडी, कलश मार्ग, रावजी का हाटा, मल्लातलाई, अम्बामाता, नीमज माता, फतेहपुरा, गणेश घाटी, हिरणमगरी, गोवर्धन विलास सहित कई जगह गरबा की धूम परवान पर है। घंटाघर पर पारम्परिक गरबा नृत्य किया गया। अन्नपूर्णा गरबा मंडल कार्यक्रम संयोजक कुंदन चौहान ने बताया कि शस्त्र पूजन किया गया। नगर माहेश्वरी युवा संगठन की ओर से श्रीनाथ मार्ग स्थित माहेश्वरी पंचायत भवन में पारंपरिक परिधान में युवाओं की भागीदारी रही। अमित मंत्री ने बताया कि भंवरलाल, कन्हैयालाल समदानी, गोपाल काबरा, मुकेश मंत्री, राधेश्याम तोषनीवाल अतिथि थे।