
धीरेन्द्र जोशी/उदयपुर. आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष तैयारियां की गई है। इसमें वीवी-पैट मशीन भी शामिल हुई है। एेसे में चुनाव संबंधित कई भ्रांतियों का समाधान भी होगा। इधर, मतदान के दौरान गलत पर्ची गिरने या अन्य शिकायतों पर मतदाताओं को घोषणा-पत्र भरकर देना होगा। गलत आपत्ति दर्ज करवाने पर छह माह और इससे अधिक की जेल भी हो सकती है। कई बार एेसा देखने में आया है कि मतदान के दौरान विभिन्न राजनीतिक पार्टियां और लोग मतदान को प्रभावित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते हैं जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित होती है। निर्वाचन आयोग पर ईवीएम में हेरफेर को लेकर लग रहे आरोपों के चलते इस बार वीवी-पैट मशीन भी इसके साथ जोड़ दी है। इससे मतदान के समय ही स्पष्ट हो जाएगा कि मत किसे दिया और किसे चुना है। इसके बावजूद कई लोगों में कुछ बातों को लेकर संशय है लेकिन निर्वाचन आयोग ने हर शंका का समाधान निकाला हुआ है।मतदाताओं का यह है संशयमतदान के दौरान ईवीएम में मत डालने पर वीवी-पैट मशीन में पर्ची दिखाई देगी। इसमें मत डालने वाले प्रत्याशी का चुनाव चिह्न और अंक अंकित होगा। मतदाताओं में इस बात को लेकर संशय है कि मत और पर्ची में किसी कारणवश अलग-अलग प्रत्याशी दिखाई दे तो क्या करें।
आपत्ति पर यह करना होगा
मतदान के दौरान मतदाता जिसको मत देता है उसके अलावा किसी अन्य प्रत्याशी की पर्ची वीवी-पैट में गिरती है तो मतदाता बूथ स्थल पर मौजूद पीठासीन अधिकारी को शिकायत कर सकता है। पीठासीन अधिकारी मतदाता की शिकायत पर उससे आपत्ति-पत्र भरवाएगा। इसके बाद पुन: मत डाला जाएगा। यह मत जांच के लिए होगा इसकी गिनती मतदान में नहीं होगी। मत डालते समय सक्षम अधिकारी भी मतदाता के साथ ही खड़े रहेंगे।
गलत आपत्ति पर सजा का प्रावधान
शिकायतकर्ता द्वारा आपत्ती-पत्र भरने के बाद जांच के लिए डाले गए मत में अगर मशीन सही कार्य करती है तो उसी समय शिकायतकर्ता को पुलिस को सौंप दिया जाएगा। गलत शिकायत पर नियमानुसार एक हजार रुपए का जुर्माना और छह माह और इससे अधिक की सजा भी प्रावधान है।