उदयपुर में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। जिले में अब तक 21,500 से अधिक लोग ऑनलाइन स्व-गणना कर चुके हैं, जिससे उदयपुर प्रदेश में मॉडल जिला बनकर उभरा है।
उदयपुर. भारत की जनगणना 2027 के तहत उदयपुर जिला स्व-गणना अभियान में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले में अब तक 21 हजार 500 से अधिक नागरिक ऑनलाइन स्व-गणना कर चुके हैं। जिला प्रशासन की सक्रिय पहल, व्यापक जनजागरूकता और विभिन्न विभागों, संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया 15 मई 2026 तक जारी रहेगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर फील्ड वर्क और सत्यापन का कार्य करेंगे। जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरव अग्रवाल के निर्देशन में जिलेभर में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विशेष रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिकतम लोग स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करें, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बन सके।
प्रशासन की रणनीति से अभियान को मिली गति
स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने शुरुआत से ही बहुस्तरीय प्रयास किए।जनगणना ऐप और ऑनलाइन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा किए जाने के बाद लोगों में जागरूकता बढ़ी और परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग स्वयं आगे आकर ऑनलाइन पंजीकरण कर रहे हैं। जिला जनगणना अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि विभिन्न विभागों में समय-समय पर प्रशिक्षण और विशेष कैम्प लगाए जा रहे हैं। 1 मई को जिला परिषद सभागार में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा सामूहिक स्व-गणना की गई। इस दौरान संभागीय आयुक्त और पुलिस अधीक्षक ने भी भाग लेकर लोगों को प्रेरित किया। इस अभियान में शिक्षा, बैंकिंग और उद्योग जगत भी जुड़ा।---
मोबाइल से कुछ मिनटों में हो रही स्व-गणना
उप जिला जनगणना अधिकारी एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक पुनीत शर्मा ने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और बेहद सरल है। नागरिक अपने मोबाइल फोन से अधिकृत पोर्टल पर लॉगिन कर स्वयं तथा परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद प्राप्त यूनिक आईडी को फील्ड वेरिफिकेशन के समय प्रगणक को दिखाना अनिवार्य होगा, जिससे डाटा का सत्यापन किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के जरिए नागरिकों का समय बच रहा है और जनगणना प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बन रही है।
14 और 15 मई को विशेष जनगणना कैम्प
जिला कलक्टर ने सभी राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को 15 मई से पहले अनिवार्य रूप से स्व-गणना पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागीय अधिकारियों को अपने अधीन संस्थानों और संगठनों में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से 14 और 15 मई को फतहसागर पाल तथा पन्नाधाय पार्क, गोवर्धनसागर पाल पर विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे। यहां आमजन को ऑनलाइन पंजीकरण, लॉगिन और जानकारी भरने में तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।