
उदयपुर. मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में एक पार्थिव देह पर कई विद्यार्थियों को अध्ययन करते देख एक व्यक्ति का मन विचलित हुआ। उसी क्षण उन्होंने संकल्प लिया कि मृत्यु के बाद उनका शरीर भी चिकित्सा शिक्षा और मानवता की सेवा के काम आएगा। यही संकल्प आज एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
लच्छीराम हंजा बाई सुखलेचा चेरिटेबल ट्रस्ट पिछले डेढ़ दशक से देहदान, नेत्रदान, रक्तदान, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा रहा है। लच्छीराम सुखलेचा की पुण्य स्मृति में 8 मई 2010 को स्थापित ट्रस्ट की प्रेरणा करीब 60 वर्ष पहले मिली थी। वर्तमान अध्यक्ष डॉ. पुखराज सुखलेचा बताते हैं कि परिवार ने सेवा को परंपरा बनाया। आज परिवार के 50 से अधिक सदस्य देहदान का संकल्प ले चुके हैं और 10 सदस्य देहदान कर चिकित्सा शिक्षा में अमूल्य योगदान दे चुके हैं। ट्रस्ट ने अब तक 395 से अधिक लोगों से देहदान संकल्प भरवाए हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 50 से अधिक देहदान संपन्न कराए जा चुके हैं, जबकि अहमदाबाद में भी एक देहदान कराया गया। इस साल में ही ट्रस्ट के सहयोग से पांच देहदान हुए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक नेत्रदान और अंगदान जागरूकता अभियान भी लगातार चल रहे हैं।
रक्तदान और चिकित्सा शिविर भी
सेवा का दायरा केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है। ट्रस्ट ने पांच रक्तदान शिविर आयोजित किए हैं। सचिव सीए गौतम सुखलेचा स्वयं 90 बार रक्तदान कर चुके हैं। उनका लक्ष्य 100 बार रक्तदान करने का है। ट्रस्ट ने निःशुल्क चिकित्सा शिविरों से हजारों लोगों को उपचार मिला है।
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ाए कदम
शिक्षा के क्षेत्र में विवेकानंद केंद्र के सहयोग से संचालित आनंदालय में कच्ची बस्तियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति के संस्कार दिए जा रहे हैं। विद्यालयों में छात्रवृत्ति, पुस्तकें, फर्नीचर, लैब सामग्री, स्कूल ड्रेस भी वितरित की जाती है।
कोरोना काल में पहुंची मदद
कोरोना महामारी के दौरान ट्रस्ट ने सैकड़ों जरूरतमंदों तक राशन, दवाइयां और आर्थिक सहायता पहुंचाकर सेवा का उदाहरण पेश किया। महिला स्वास्थ्य, किशोरियों में स्वच्छता जागरूकता, जेल सुधार कार्यक्रम और जरूरतमंद संस्थाओं की सहायता जैसे कार्य भी निरंतर जारी हैं।
सेवा के आंकड़े, जो करते हैं प्रेरित
395 देहदान के संकल्प पत्र भरवाए
51 देहदान अब तक कराए जा चुके
05 देहदान इस साल में अब तक
100 नेत्रदान ट्रस्ट की प्रेरणा से हुए
सेवा विस्तार: दान ही नहीं, संस्कार भी
ट्रस्ट शिक्षा, महिला स्वास्थ्य, रक्तदान, अंगदान, कोविड राहत, गरीब बच्चों की पढ़ाई, छात्रवृत्ति, विद्यालयों को सामग्री वितरण, केंद्रीय कारागृह में प्रेरक कार्यक्रम तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग जैसे कार्य कर रहा है। उद्देश्य सेवा ही नहीं, संवेदनशील समाज निर्माण है।