उदयपुर. फतहसागर में सीमांकन छोड़ मनमर्जी से नाव संचालन हो रहा है।
उदयपुर . फतहसागर में सीमांकन छोड़ मनमर्जी से नाव संचालन हो रहा है। ट्यूरिज्म बूम के चलते नाव संचालकों ने नियम-कायदे और शर्तों को भुला ही दिया। मछुआरे भी समय को दरकिनार कर रहे हैं। झील हस्तांतरित होने के बाद यूआईटी की जिम्मेदारी है। उसने समय-समय पर नाव संचालकों को नियम पालना के निर्देश दिए लेकिन बुधवार को हुई घटना ने सबकी आंखें खोल दी है। नावों की टक्कर में मासूम चहक की मौत के बाद नाव संचालन को लेकर सीमांकन करते हुए हर फर्म और एजेंसी का क्षेत्राधिकार निर्धारित किया गया। दीपावली के बाद इन नियमों को भुला सा दिया गया है।
गत दिवस हुए हादसे में सामने आया कि आरटीडीसी की नाव हद से बाहर थी। बोट कमेटी के पूर्व सदस्य प्रो. महेश शर्मा के अनुसार नाव संचालन की गति तय होती है लेकिन यहां बहुत स्पीड से संचालन होता है। झील किनारे और दूसरी नाव संचालन का क्षेत्र दूर होना चाहिए और नाव चालक के पास लाइसेंस होना जरूरी है। आकस्मिक कार्रवाई की जानी चाहिए। झील विकास प्राधिकरण सदस्य तेजशंकर पालीवाल ने स्पीड बोट पर प्रतिबंध की जरूरत बताई, क्योंकि इससे दुर्घटना का अंदेशा हमेशा रहता है।
इससे फतहसागर झील में देशी-विदेशी पक्षियों का आना भी कम हो रहा है जो चिंता की बात है। उधर, यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता का कहना है कि नाव संचालन की कमियों-शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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उदयपुर. नगर विकास प्रन्यास ने गुरुवार को भुवाणा स्थित सेलिब्रेशन मॉल के आसपास तथा उत्तरी दिशा में सडक़ पर की गई अवैध पार्किंग को हटाई। टीमों ने शोभागपुरा चौराहा के आसपास भी अस्थायी अतिक्रमण हटाए। यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि तहसीलदार गोवर्धन सिंह झाला के नेतृत्व में टीमों ने कार्रवाई की। टीम ने मॉल के सामने तथा मॉल की उत्तरी दिशा में सडक़ पर अवैध पार्किंग को हटवाई।
साथ ही मॉल प्रबंधक को आगाह किया कि भविष्य में अवैध पार्किंग नहीं करें तथा फ्रंट में फुटपाथ पर जो भी अवैध गतिविधियां है, उसे हटा एक दिन में हटा लें अन्यथा यूआईटी हटाएगी और साथ ही धारा 92 के अंतर्गत कारवाई करते हुए पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा। झाला ने बताया कि शोभागपुरा चौराहा, रॉयल राजविलास से लेकर होटल एंबियंस होकर बाईपास तक सडक़ के दोनों तरफ जो चाय के ठेले, छप्पर आदि भी हटाए गए।