उदयपुर

उदयपुर : अस्पतालों में खड़े दुपहिया वाहनों पर सीएमएचओ सख्त, बोले- थाने से छुड़ाने पड़ेंगे वाहन

सीएमएचओ (द्वितीय) ने भींडर क्षेत्र के चार स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। अस्पताल भवनों और कॉरिडोर में दुपहिया वाहन खड़े मिलने पर उन्होंने चेतावनी दी कि वाहन पुलिस थाने से छुड़ाने पड़ेंगे और संबंधित के खिलाफ जांच होगी।
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Oct 11, 2026
inspection of phc
स्वास्थ्य केन्द्रों का  िनरीक्षण करते सीएमएचओ

उदयपुर. स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्थाओं में सुधार और अनुशासन बनाए रखने को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (उदयपुर द्वितीय) डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। भींडर क्षेत्र के चार स्वास्थ्य संस्थानों के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवनों और कॉरिडोर में खड़े दुपहिया वाहनों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में परिसर के अंदर वाहन मिले तो उन्हें पुलिस थाने से छुड़वाना पड़ेगा। संबंधित कार्मिक के खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।

सीएमएचओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हीता और लूणदा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कानोड़ तथा जिला चिकित्सालय भींडर का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी चंद्रवीर सिंह राठौड़ और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी कमल प्रकाश मेहता भी मौजूद रहे। टीम ने संस्थानों के कार्यालयी रिकॉर्ड, उपस्थिति पंजिका, स्टोर और लेखा शाखा की जांच की। कार्मिकों को कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए और उनकी स्थानीय समस्याओं का मौके पर निस्तारण भी किया।

व्यवस्थाएं संतोषजनक, अब उत्कृष्ट बनाने पर जोर

सीएमएचओ ने मरीजों के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों के सौम्य और सहयोगात्मक व्यवहार तथा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) टीम की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कार्मिकों में बेहतर काम करने की क्षमता है और स्थानीय लोग भी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक हैं। ऐसे में सेवाओं का स्तर केवल संतोषजनक नहीं, बल्कि उत्कृष्ट होना चाहिए। इसके लिए फील्ड मॉनिटरिंग को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

कहीं प्रबंधन की सराहना, कहीं कमियां सुधारने की हिदायत

सीएचसी कानोड़ में सीमित मानव संसाधन के बावजूद चिकित्सा अधिकारी प्रभारी के कुशल प्रबंधन की सराहना की गई। पीएचसी लूणदा में केंद्र की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और अनुशासन बनाए रखने के प्रयासों को भी सराहा गया। वहीं, पीएचसी हीता के मुख्य द्वार पर संस्थान का नाम स्पष्ट रूप से अंकित नहीं होने पर सीएमएचओ ने नाराजगी जताई। प्रभारी अधिकारी को तीन दिन में मुख्य द्वार पर स्पष्ट अक्षरों में नाम लिखवाकर उसकी फोटो कार्यालय भेजने के निर्देश दिए। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर निवेदिता जोशी को इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराने को कहा गया।

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच रिपोर्ट मांगी

सीएचसी कानोड़ में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पंजीकृत 12 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं में से केवल दो के उपस्थित रहने और शेष के भींडर जाने की सूचना मिली। इस पर ब्लॉक नोडल अधिकारी को अगले कार्यदिवस में कानोड़ क्षेत्र की संबंधित महिलाओं की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिला चिकित्सालय भींडर में गुणवत्ता मानकों पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।

Updated on:
11 Oct 2026 05:58 pm
Published on:
11 Oct 2026 05:58 pm