
मो.इलियास/उदयपुर . महाराणा भूपाल चिकित्सालय के मुख्य गेट पर ड्यूटी पर तैनात यातायात के एएसआई मिश्रीलाल के साथ मारपीट व वर्दी फाडऩे के मामले ने तूल पकड़ लिया। पुलिस की जांच अभी तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक सीमित है जबकि रेजिडेंट्स ने पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार सुबह 9 से 10 बजे एक घंटे कार्य बहिष्कार करने की घोषणा कर डाली। रेजिडेंट का कहना था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को सम्पूर्ण कार्य का बहिष्कार करेंगे। इधर, एसपी का कहना है कि मामले में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट व राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज है, बिल्कुल उचित कार्रवाई की जाएगी। यातायात शाखा के एएसआई मिश्रीलाल चौहान ने हाथीपोल थाने में शुक्रवार को रेजिडेंट के विरुद्ध मारपीट व राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया था। मामले में अनुसंधान अधिकारी एएसआई गोटीलाल ने चौहान के बयान लिए तथा अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में फुटेज उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन को लिखा है। पुलिस ने रात को आरोपियों की गाड़ी भी जब्त करने का प्रयास किया लेकिन क्रेन नहीं मिलने पर मौके पर ही गाड़ी को कब्जे में ली।-- एएसआई ने बोला नियमानुसार की कार्रवाई एएसआई मिश्रीलाल ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार शाम 4 बजे वह कांस्टेबल भगवतसिंह व नेपाल सिंह के साथ हॉस्पिटल के गेट पर ड्यूटी पर थे। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार वाहनों की चैकिंग व कारों पर लगी काली फिल्म की चैकिंग कर रहे थे। करीब 6.15 बजे कोर्ट चौराहे की तरफ से एक कार तेज गति से लहराती हुई हॉस्पिटल में घुसने लगी। कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी। कांस्टेबल भगवतसिंह ने रुकने का इशारा किया तो गाड़ी का चालक व पास बैठा युवक गाली-गलौच व धमकी देता हुआ कार को अंदर ले गया। एएसआई का कहना था कि चैकिंग के लिए हॉस्पिटल में गया तो कार पार्किंग में खड़ी मिली। कार की जांच के दौरान उसमें तीन व्यक्ति बैठे मिले। उनमें से एक से जवान के साथ अभद्रता करने के बारे में पूछा तो लम्बे कद के व्यक्ति ने गाली-गलौच की तथा कहा कि तुम चेक करने वाले कौन होते हो। तू यहां से चला जा, नहीं तो छोडूंगा नहीं। एएसआई का कहना था कि मैंने समझाया तो उसने गाड़ी से उतरकर मेरे सिर में मुक्के मारे जिससे खून निकल आया।
मेरी वर्दी की स्टार प्लेट को खींचकर तोड़ दी, व्हीसल कोड भी टूटकर नीचे गिर गई। उस व्यक्ति ने खुद को दीपाराम रेजिडेंट बताया। उसके बाद दीपाराम ने अपने साथियों को बुला लिया फिर उन्होंने मारपीट की। रोकने का प्रयास किया तो गाड़ी को भगाकर ले गए। एएसआई का कहना था कि मौके से कंट्रोल रूम व ट्राफिक कार्यालय की सूचना दी गई।