
उदयपुर. प्रताप गौरव केन्द्र राष्ट्रीय तीर्थ में 16 से 26 सितंबर तक दिवेर विजय महोत्सव का आयोजन होगा। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुगल आक्रांताओं पर महाराणा प्रताप की निर्णायक जीत की स्मृति यह महोत्सव हो रहा है। उद्घाटन 16 सितंबर को संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम और जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी करेंगे। इस वर्ष विशेष रूप से तैयार नुक्कड़ नाटक का 40 जगह मंचन होगा। प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि दिवेर युद्ध ने समाज में आत्मविश्वास जगाया कि विदेशी आक्रांताओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है। कालांतर में भारत से बाहर अन्य देशों में जब औपनिवेशिक साम्राज्य से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष हुए, वहां भी महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी आदर्श बने। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य महाराणा प्रताप के अदम्य शौर्य, स्वाभिमान और मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कब क्या आयोजन
चित्रकला प्रतियोगिता, 22 सितंबर: विद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर महाराणा प्रताप: शौर्य, स्वाभिमान और समर्पण विषय पर।
ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, 20 सितंबर: तीन वर्गों में प्रतियोगिता में पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 सितंबर होगी।
भाषण प्रतियोगिता: विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप विषय पर प्रतियोगिता का राज्य स्तरीय मुकाबला 26 सितंबर को होगा।
फोटोग्राफी एवं रील मेकिंग: मोबाइल और कैमरा श्रेणियों में फोटोग्राफी तथा मेवाड़ के इतिहास पर आधारित रील्स के लिए 19 से 23 सितंबर तक प्रविष्टियां मांगी हैं।
पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता: पोस्टर के लिए 22 सितंबर और निबंध के लिए 17 सितंबर तक प्रविष्टियां जमा होंगी। विभिन्न आयु वर्ग के लिए अलग-अलग विषय और पुरस्कार निर्धारित हैं।
लघु फिल्म कार्यशाला: 19 से 26 सितंबर तक चलने वाली कार्यशाला में पंजीकरण शुल्क के साथ आवास सुविधा भी उपलब्ध।