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उदयपुर. मोबाइल की स्क्रीन पर कई घंटे नजरें टिकाए रखने की आदत बच्चों की आंखों के लिए सिर्फ चश्मे का नंबर बढ़ने तक सीमित समस्या नहीं है। पास की वस्तु पर फोकस करने से आंखों का फोकसिंग सिस्टम भी लगातार सक्रिय रहता है। इसका असर कई बच्चों में आंखों की थकान, जलन, पानी आना, सिरदर्द और कुछ समय के लिए दूर की चीजें धुंधली दिखाई देने के रूप में सामने आ सकता है। विशेषज्ञ इसे डिजिटल आई स्ट्रेन से जुड़ी समस्या मानते हैं।
एमबी हॉस्पिटल में हर सप्ताह ओपीडी में ऐसे 40 से ज्यादा मामले आते हैं। एमबी हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विजय गुप्ता के अनुसार स्क्रीन देखते समय बच्चों की पलक झपकने की गति भी कम हो जाती है, जिससे आंखों की सतह पर नमी कम होने और ड्राईनेस जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। मोबाइल देखने के दौरान आंखों को लगातार नजदीक की दूरी पर फोकस करना पड़ता है। बच्चे जब लंबे समय तक गेम खेलते हैं, वीडियो देखते हैं या मोबाइल पर पढ़ाई करते हैं तो आंखों को आराम का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। खासतौर पर छोटी स्क्रीन पर लिखे अक्षरों को लगातार देखने के लिए आंखों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
समस्या सिरदर्द तक पहुंचती है
डिजिटल आई स्ट्रेन में आंखों में भारीपन, जलन, खुजली, सूखापन, पानी आना और लालिमा जैसी शिकायतें हो सकती हैं। लंबे समय तक फोकस करने के बाद सिरदर्द या आंखों के आसपास दर्द भी महसूस हो सकता है। कुछ बच्चों को स्क्रीन से नजर हटाने के बाद कुछ समय तक दूर की वस्तु स्पष्ट देखने में परेशानी महसूस हो सकती है।
आउटडोर समय भी जरूरी
बच्चों की दिनचर्या में केवल स्क्रीन कम करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें नियमित रूप से बाहर खेलने और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए। मोबाइल, टीवी और ऑनलाइन गेमिंग के कारण यदि बच्चा लगातार घर के अंदर रहता है तो स्क्रीन से ब्रेक लेने के साथ शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
स्क्रीन से आंखों पर असर
संकेत संभावित असर
बार-बार आंखें मलना आंखों में थकान या ड्राईनेस
आंखें सिकोड़कर देखना फोकस करने में परेशानी
पढ़ते समय जल्दी थकना फोकसिंग सिस्टम पर दबाव
मोबाइल बहुत पास रखना लगातार नजदीक देखने की आदत
जलन या पानी आना पलक कम झपकने से ड्राईनेस
Updated on:
12 Sept 2026 06:07 pm
Published on:
12 Sept 2026 06:07 pm
