
उदयपुर. सविना थाना क्षेत्र में गोविंद नगर स्थित एक भूखंड विवाद को लेकर अधिवक्ता पर पथराव और थाने के भीतर धमकी के मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया। थाना पुलिस की कार्यशैली से खफा अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित वकीलों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एसपी कार्यालय के बाहर बेमियादी महापड़ाव शुरू कर दिया। दिनभर नारेबाजी के बाद शाम को वकीलों ने हारमोनियम-ढोलक-ताल के साथ सुंदरकांड पाठ करके पुलिस के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना की। सवीना सीआई दलबीर सिंह को शाम तक भी हटाने के आदेश जारी नहीं होने पर वकीलों ने कलक्ट्रेट परिसर में ही रात बिताने का निर्णय करते हुए बिस्तर मंगवा लिए। दूसरी ओर कलक्ट्रेट में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। रात 10 बजे पुलिस के आश्वासन पर स्थिति संभली। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से सभी थानों में दुव्र्यवहार नहीं होने देने, सवीना थाने के केस की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया। अंतिम समय में कुछ अधिवक्ता बार नेतृत्व से भी अलग होकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे, जिस पर बार पदाधिकारी समझाइश करते रहे। पूरे घटनाक्रम के 12 घंटे बीतने के बाद भी रात तक माहौल शांत नहीं हो पाया।
थाने पर घेराव से शुरू हुआ बवाल कलक्ट्रेट पहुंचा
रविवार शाम 6 बजे बड़ी संख्या में वकीलों ने सवीना थाने का घेराव कर किया था। स्थिति बिगड़ती देख एएसपी उमेश ओझा और डीएसपी छवि शर्मा पहुंचे। तीन घंटे की गहमागहमी के बाद रात 9 बजे वकीलों ने सीआई दलबीर सिंह को हटाने की मांग करते हुए शिकायत दी। वकीलों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने रात को कार्रवाई का ठोस भरोसा दिया था, लेकिन सोमवार सुबह तक कार्रवाई नहीं हुई तो बार एसोसिएशन ने कार्य बहिष्कार कर दिया।
कलक्ट्रेट में 4 थानों का पुलिस बल रहा तैनात
सोमवार सुबह बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन, पूर्व अध्यक्ष भरत जोशी, राकेश मोगरा सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नेतृत्व में वकील एसपी कार्यालय के नीचे धरने पर बैठ गए।वकीलों के उग्र रुख को देखते हुए डीएसपी छवि शर्मा, डीएसपी रविंद्र चारण, चार थानों के सीआई और आरएसी बल तैनात किया गया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष जांच और सीआई को लाइन हाजिर करने के आदेश नहीं होता, धरना जारी रहेगा।
पूरा विवाद: पथराव, वकील को धमकाने का आरोप
बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया कि विवाद की जड़ गोविंद नगर स्थित एक प्लॉट है, जो अधिवक्ता राजेश जाजोदिया के रिश्तेदार देवेंद्र अग्रवाल का है। आरोप है कि सवीना निवासी कौशल आमेटा इस जमीन पर अवैध कब्जे की फिराक में है। रविवार दोपहर जब देवेंद्र अग्रवाल और अधिवक्ता जाजोदिया प्लॉट पर सफाई करवा रहे थे, तब आरोपी ने पथराव कर दिया। अधिवक्ता जाजोदिया रिपोर्ट दर्ज कराने सवीना थाने पहुंचे तो आरोपी भी वहां आ पहुंच गया। आरोपी ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी, लेकिन पुलिसकर्मी चुप्पी साधे रहे।
कांग्रेस नेताओं ने यूडीए को ठहराया जिम्मेदार
देहात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव प्रदीप त्रिपाठी व ब्लॉक कांग्रेस महासचिव भारत रामानुज ने मामले में यूडीए को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि जब यूडीए अधिकारियों को जानकारी है कि गोविन्द नगर स्थित फूटा तालाब की पेटा काश्त भूमि है और इस पर हाईकोर्ट से पारित निर्णय में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक है तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यूउीए को समय समय पर जनसुनवाई में फूटा तालाब में निर्माण की सूचना देने पर भी कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से विवाद की स्थिति बनी।