दूसरे दिन नहीं दिखी पैंथर की गतिविधि पैंथर के हमले से किसान की मौत का मामला
कूण.(उदयपुर) शोभजी का गुड़ा ग्राम पंचायत के वेला फला में सोमवार रात पैंथर के हमले से किसान की मौत की घटना के दूसरे दिन मंगलवार को डीएफओ सुनील कुमार, लसाड़िया उपखंड अधिकारी कपिल कुमार कोठारी, वल्लभनगर पुलिस उपाधीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह, कानोड़ थानाधिकारी मनीष खोईवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री कन्हैयालाल मीणा, उपप्रधान धनराज पटेल, बलीचा सरपंच श्रवण कुमार मीणा, आकोला पूर्व सरपंच दिनेश चौधरी शोभजी का गुड़ा सरपंच शंकर लाल मीणा, पूर्व सरपंच भंवर लाल मीणा, मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह झाला, क्षेत्रीय वन अधिकारी लसाड़िया शांति लाल खटीक, क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वितीय लसाड़िया रामलाल भील, वनपाल सोनम मीणा, रेस्क्यू टीम उदयपुर से वनपाल लाल सिंह पंवार, शुटर डीपी शर्मा, सहायक वनपाल जितेन्द्र सिंह, कानोड़ नायब तहसीलदार मोबिन खान, लसाड़िया रेवेन्यू इंस्पेक्टर सरदार सिंह, पटवारी सुरज करण मीणा, भाजपा मंडल संयोजक विक्रम सिंह झाला, कानोड़ पुलिस थाना व वन विभाग का जाप्ता मौके पर मौजूद था। वन विभाग की ओर से मौके पर दो पिंजरे लगाए गए व शिकार रखा गया।सुबह पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन डीएफओ ने दिया। वहीं लसाड़िया उपखंड अधिकारी कपिल कुमार कोठारी ने राज्य सरकार की ओर से सहायता राशि दिलाने के लिए संबंधित कार्मिकों को निर्देश दिए व जल्द कागजी कार्रवाई पूरी करने के कहा। वन विभाग द्वारा घटना स्थल पर दो पिंजरे लगाए गए। शिकार के लिए पिंजरे में बकरे को रखा गया। घटना स्थल पर डीएफओ, एसडीएम, डिप्टी, भाजपा प्रदेश मंत्री कन्हैयालाल मीणा ने ग्रामीणों व सरपंचों को सतर्क रहने को कहा। साथ ही जंगल में अकेले नहीं जाने व साथ में लकड़ी रखने, बच्चों व महिलाओं को जंगल में नहीं जाने को कहा। क्षेत्र में पहली बार पेंथर के हमले से मौत हुई है। पुर्व में भी पेंथर का मुवमेंट रहा। पशुओं पर पेंथर ने हमला किया। शोभजी का गुड़ा में विभाग द्वारा पिंजरा भी लगाया था परन्तु पैंथर पिंजरे में नहीं आया।
गौरतलब है कि सोमवार रात लखमा मीणा को मवेशियों को पानी पिलाने के बाद घर लौट रहा था तभ्री झाड़ियों के पीछे छिपे पैंथर ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। परिजन उसे कानोड़ सीएचसी ले जा रहे थे तभी उसने रास्ते में दम तोड दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकिस्तकों ने भी मृत घोषित कर दिया था। सूचना पर शाम को वननाका कूण से सहायक वनपाल बाबूलाल शर्मा, मिठ्ठू लाल भोई, शोभजी का गुड़ा सरपंच शंकर लाल मीणा, बलीचा सरपंच श्रवण कुमार मीणा सहित ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे।