उदयपुर

अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफीम उत्पादक किसान

पट्टा लेने के लिए नारकोटिक्स दफ्तर के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
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Dec 21, 2023
अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफीम उत्पादक किसान
अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफीम उत्पादक किसान

सुरेन्द्र सिंह राव . उमेश मेनारिया

उदयपुर . मेनार . अफीम उत्पादक किसानों के लिए खुश खबर है। अब अफीम पट्टा लेने के लिए उन्हें नारकोटिक्स दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने के साथ ही जहां विभाग को एक क्लिक पर संबंधित किसान की सारी जानकारी मिल सकेगी। वहीं किसानों के लिए भी पट्टा लेने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। इसी साल उनके खाते को आधार से लिंक कर दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक किसान की ई-मेल आईडी व लॉग इन पासवर्ड जनरेट किया गया है। जिसके जरिए किसान पट्टे का प्रिंट ऑनलाइन निकालवा सकेंगे। समय- समय पर पट्टे पर आपत्ति की जानकारी भी ऑनलाइन अपडेट होगी। बता दें कि अब तक यह कार्य मुखिया के माध्यम से ही होता आया है। इस वर्ष से पहली बार अफीम नीति में लाइसेंस के लिए डिजिटल प्रक्रिया शुरू की गई है।

पहली बार ऑनलाइन माध्यम से पट्टे

किसानों को पहली बार ऑनलाइन प्रक्रिया से पट्टे दिए गए हैं। वह मोबाइल पर पट्टे की जानकारी मैसेज के माध्यम से पा सकेगा। प्रत्येक किसान को 10 आरी का पट्टा दिया गया है। एक आरी में एक बिस्वा जमीन होती है। यानी एक पट्टे में करीब आधा बीघा जमीन में अफीम की बुवाई हुई है। चित्तौड़गढ के तीनों खंडों में करीब 7 हजार से अधिक बीघा में अफीम की बुवाई हुई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से अफीम नीति में इस वर्ष करीब 14 हज़ार 638 पट्टे जारी हुए हैं। गत वर्ष के पट्टों में से इस वर्ष कम औसत एवं अन्य, एनडीपीएस प्रकरणों के चलते कुछ पट्टे विभाग द्वारा काटे गए हैं। इस बार सरकार द्वारा अधिक उपज देने वाले किसानों को प्रोत्साहन के लिए खेती का रकबा तय किया गया था। इस वर्ष मेनार पंचायत क्षेत्र में 92 लाइसेंस जारी हुए हैं, जिसमें 12 पट्टे सीपीएस पद्धति से जारी हुए हैं और अब किसान निराई गुड़ाई में लगे हुए हैं।

सीपीएस पद्धति से 544 पट्टे वितरित

प्रति किसान औसत अनुसार 10 आरी के पट्टे पर 6 से 7 किलो अफीम देनी होगी। इस वर्ष नारकोटिक्स विभाग ने चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड में उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के 9 गांवों में चीरा पद्धति व सीपीएस पद्धति के कुल 544 पट्टे वितरित किए।

मेवाड़, मालवा और हाड़ौती क्षेत्र में हो चुकी बुवाई

गौरतलब है कि प्रदेश के मेवाड़, मालवा और हाड़ौती क्षेत्र में अफीम की बुवाई हो चुकी है। खेतों में अभी निराई गुड़ाई का कार्य चल रहा है। चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के तीन खंडों के करीब 700 गांवों में अफीम की बुवाई का कार्य पूरा हो चुका है।एक महीने बाद शुरू होगी नपती

चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड के चित्तौड़गढ़, भदेसर, वल्लभनगर, भींडर, कानोड़ तहसील के गांवों, वहीं द्वितीय खंड के गंगरार, राशमी, कपासन, भदेसर, मावली और डूंगला एवं तृतीय खंड के निम्बाहेड़ा और बड़ीसादड़ी क्षेत्र के किसानों ने अफीम की बुवाई की है । अब आगामी कुछ दिनों में फसल बड़ी होते ही केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी खेतों को नापना शुरू कर देंगे। यह काम 3 से 4 सप्ताह तक चलेगा।

Published on:
21 Dec 2023 01:37 am