
प्रमोद सोनी
उदयपुर . दूधतलाई पर शनिवार को दीयों की रोशनी एवं आतिशबाजी के बीच नव संवत 2076 का स्वागत हुआ। इस दौरान आमजन ने घर से दीपक ले जाकर दूधतलाई की सीढि़यों पर प्रज्वलित किए तो झील की सतह पर सितारे टिमटिमा उठे। आतिशबाजी के एक से बढ़कर एक नयनाभिराम नजारे देखकर शहरवासी अभिभूत हुए। आतिशी नजारों से दूधतलाई जगमगा उठी। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान एवं सर्व समाज, संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नव सम्वत्सर महोत्सव कार्यक्रम के तहत दूधतलाई पर एक दीया संस्कृति के नाम कार्यक्रम हुआ। इससे पूर्व पाला गणेशजी से दूधतलाई तक चैती एकम री सवारी निकाली जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं पवित्र ज्योति लेकर चल रही थी।समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत, हसन पालीवाला, शान्तिलाल जैन, महिपाल सिंह राठौड़, महंत सुन्दरदास, कृष्णकांत कुमावत, शंभूसिंह आसोलिया, कमेलन्द्रसिंह पंवार, सत्यनारायण आमेटा, शिवसिंह सोलंकी, भूपेन्द्रसिंह भाटी, मनोज कुमावत सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित थे।नीम-मिश्री खिलाकर दी शुभकामनाएंइससे पहले सुबह नव संवत्सर पर सुबह 8 से 9 बजे तक मंदिरों व मोहल्लों में तथा 9 से 11 बजे तक विभिन्न चौराहों पर आलोक संस्थान के छात्र-छात्राओं ने ध्यानवेश पहनकर शहरवासियों को नीम, मिश्री व काली मिर्च खिलाकर नव संवत्सर की शुभकामनाएं दी। इस दौरान ईको फेण्डली हल्दी-चंदनयुक्त तिलक लगाकर लोगों को नव संवत्सर पर पर्यावरण रक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर नववर्ष समारोह समिति एवं बजरंग सेना ने उदियापोल पर 26/11 हमले में घायल व आतंकवादी कसाब के खिलाफ गवाही देने वाली सुमेरपुर निवासी देविका कुमावत का सम्मान किया।