
उदयपुर. पंचायतीराज चुनाव में प्रचार के दौरान समर्थकों को पिलाई चाय हो या चुनावी सभा में लगाईं कुर्सियां, गांव-गांव घूमता वाहनों का काफिला हो या सोशल मीडिया के लिए ड्रोन से बनाई वीडियो अब हर खर्च का हिसाब रखना होगा। चुनाव में प्रत्याशियों की जेब से कितना पैसा निकलेगा, इसका गणित प्रशासन ने तय कर दिया है। जिला प्रशासन ने पंचायतीराज आम चुनाव में निर्वाचन व्यय पर निगरानी के लिए प्रचार सामग्री, वाहनों, भोजन, टेंट और अन्य सेवाओं की दरें तय कर दी हैं। साथ ही प्रत्याशियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा भी तय है। जिला परिषद सदस्य का प्रत्याशी अधिकतम 3 लाख रुपए, पंचायत समिति सदस्य डेढ़ लाख रुपए और सरपंच प्रत्याशी एक लाख तक खर्च कर सकेगा। निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने पर चुनावी व्यय नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
चाय-नाश्ते से मिठाई तक, हर चीज की दर तय
चुनावी बैठकों और प्रचार के दौरान समर्थकों को कराए जाने वाले चाय-नाश्ते का खर्च भी निर्धारित दरों के अनुसार जोड़ा जाएगा। चाय 6 रुपए और कॉफी 9 रुपए प्रति कप तय की गई है। छोटी कचौरी या समोसा 6 रुपए, जबकि बड़ी कचौरी-समोसा या आलू बड़ा 12 रुपए प्रति नग की दर से गिना जाएगा। पोहा की 100 ग्राम प्लेट के 12 रुपए जुड़ेंगे। मिठाई में जलेबी 130 रुपए प्रति किलो, लड्डू, गुलाबजामुन और रसगुल्ला 170 रुपए प्रति किलो तथा मावा मिठाई 280 रुपए प्रति किलो तय की गई है। भोजन में रोटी, सब्जी, चावल और मिठाई वाली सामान्य थाली 55 रुपए, रायता-सलाद वाली विशेष थाली 79 रुपए तथा पूरी-सब्जी और एक मिठाई की प्लेट 40 रुपए की दर से खर्च में शामिल होगी।
कुर्सी से सोफा सेट तक
चुनावी सभा में लगने वाली कुर्सियों और सजावट का खर्च भी तय है। प्लास्टिक या पाइप की कुर्सी 5 रुपए प्रतिदिन, स्टील की कुर्सी 18 रुपए और वीआइपी कुर्सी 110 रुपए प्रतिदिन की दर से जोड़ी जाएगी। तीन सीटर और दो सिंगल सोफा के साथ सेंटर टेबल का सेट 650 रुपए प्रतिदिन में गिना जाएगा। वीडियो वॉल लगाने पर 280 रुपए प्रति वर्ग फीट प्रतिदिन का खर्च जुड़ेगा।
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डीजे, ढोल और ड्रोन भी खर्च के दायरे में
प्रचार में ढोल-ड्रम बजाने वाले दल का खर्च 220 रुपए प्रति विजिट तय किया गया है। साधारण डीजे सेट के लिए 2200 रुपए प्रतिदिन और ड्रोन से कवरेज के लिए 4500 रुपए प्रतिदिन की दर तय की गई है। झंडों और बैनरों पर भी खर्च का हिसाब देना होगा। छोटे प्लास्टिक झंडे 2 रुपए प्रति नग, कपड़े के झंडे 20 रुपए प्रति वर्ग फीट, दीवार पर लगने वाले पोस्टर 12 रुपए और फ्लेक्स बैनर 8 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से जुड़ेंगे। कपड़े के बैनर की दर 22 रुपए प्रति वर्ग फीट है। 200 वर्ग फीट तक के होर्डिंग के लिए 2000 रुपए की दर तय की गई है। दुपट्टा या उपरना 8 रुपए प्रति नग के हिसाब से गिना जाएगा।
कार से बस और बाइक तक, काफिले का भी हिसाब
प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों का खर्च चालक और ईंधन सहित निर्धारित किया गया है। साधारण कार या जीप का किराया 2800 रुपए प्रतिदिन, बड़ी लग्जरी गाड़ी का 3900 रुपए, मिनी बस का 6500 रुपए और 35 से अधिक सीटों वाली बड़ी बस का 9000 रुपए प्रतिदिन जोड़ा जाएगा। ई-रिक्शा का खर्च 1100 रुपए, टेम्पो का 1300 रुपए, पेट्रोल सहित बाइक का 150 रुपए और ट्रैक्टर-ट्रॉली का 2000 रुपए प्रतिदिन तय किया है।
15 दिन में देना होगा खर्च का पूरा ब्योरा
निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ की प्रभारी रागिनी डामोर ने बताया कि सभी प्रत्याशियों को नामांकन के साथ ही व्यय लेखा पेश करने के लिए प्रारूप ‘क’ उपलब्ध कराया गया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर पूरा व्यय विवरण इसी प्रारूप में देना होगा। किसी व्यक्ति या फर्म के साथ 10 हजार रुपए से अधिक का नकद दान या खर्च प्रतिबंधित रहेगा।