
उदयपुर. विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास को रोकने और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उदयपुर पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। पुलिस अधीक्षक, सीआइडी (सीबी) जोन उदयपुर और विदेशी पंजीकरण अधिकारी कार्यालय की ओर से शहर के सभी होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, हॉस्टल और निजी आवास संचालकों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
एएसपी तथा विदेशी पंजीकरण अधिकारी डॉ. विक्रमसिंह ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से लागू अप्रवासन और विदेशी अधिनियम के तहत नियमों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम के तहत किसी भी विदेशी नागरिक (जिसमें ओआइसी कार्ड धारक, थाईलैंड, नेपाल-भूटान और तिब्बत के नागरिक भी शामिल हैं) को ठहराने से पहले उनका ओरिजिनल पासपोर्ट, वीजा और ओआइसी कार्ड देखना अनिवार्य होगा। मोबाइल या डिजिटल कॉपी दिखाने पर किसी भी विदेशी नागरिक को ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना (ऑनलाइन सी फॉर्म/फॉर्म-तृतीय) निर्धारित 24 घंटे के भीतर संबंधित कार्यालय में देना जरूरी है। साथ ही विदेशी नागरिक के चेक आउट होने पर तुरंत ऑनलाइन साइट पर चेकआउट सबमिट करना होगा। लंबी अवधि के पर्यटकों के लिए वीजा पर एक बार में केवल 90 दिन तक ही रुकने की शर्त होती है, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यदि किसी विदेशी नागरिक के पासपोर्ट पर अराइवलस्टैम्प कटी हुई हो या कोई एडवर्स रिमार्क या डिपोर्टेशन की स्टैम्प लगी हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस कार्यालय को देनी है।
इसलिए बरती जा रही सख्ती
पुलिस के संज्ञान में आया कि कुछ विदेशी नागरिक नेपाल के रास्ते अवैध रूप से देश में प्रवेश कर अनैतिक कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। साथ ही, कुछ पर्यटक वीजा पर आकर स्पा या मसाज सेंटर जैसे अन्य व्यावसायिक व अनैतिक कार्यों में शामिल हो जाते हैं। ऐसा कोई भी मामला सामने आने पर संचालकों को तुरंत पुलिस को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
वाजिब कारण में रियायत संभव
यदि कोई विदेशी नागरिक बिना पासपोर्ट या वैध दस्तावेज के ठहरने के लिए संपर्क करता है तो उसे होटल में न ठहराकर तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को देनी होगी। पुलिस ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। यदि कोई विदेशी नागरिक ओवर स्टे करता है तो उससे इसका कारण पूछकर पुलिस को सूचित करने के बाद ही उसे रुकने दिया जाए।