
उदयपुर. पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सबसे अहम निर्देश गैंगस्टर्स की ओर से बढ़ती फिरौती और धमकी की घटनाओं को लेकर है। विशेष जांच दल गठित कर धमकी देने वाले अपराधियों, उनके नेटवर्क और सोशल मीडिया पर समर्थन करने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। जिन व्यक्तियों को फिरौती की धमकियां मिल रही हैं, उन्हें मामला निस्तारित होने तक सुरक्षा देने को कहा है।
बताया गया कि जिले में गैंगस्टर्स की ओर से फिरौती-धमकी और फायरिंग की घटनाएं बढ़ने पर विशेष जांच दल गठित होगा। अपराधियों के नेटवर्क, सहयोगियों, शरण देने वालों और सोशल मीडिया समर्थकों की पहचान कर पूछताछ व कार्रवाई होगी। पीड़ितों को मामला निपटने तक सुरक्षा मिलेगी। उदयपुर में कन्हैया हत्याकांड, देवराज हत्याकांड के साथ ही गैंगस्टर्स के सक्रिय रहते यह निर्देश अहम माने जा रहे हैं।
साइबर से जुड़ी अहम बातें
- पुलिसकर्मियों की वर्दी में गैर पुलिस कार्य की रील-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने की प्रवृत्ति पर भी सख्त रोक लगाई गई है।
- सोशल मीडिया की प्रभावी मॉनिटरिंग कर भ्रामक खबरों पर कार्रवाई, पुलिस की उपलब्धियां बताने और झूठी खबरों का खंडन करने को कहा है।
- साइबर अपराध को लेकर शिकायतों पर तुरंत एफआइआर दर्ज करने, फ्रीज राशि पीड़ितों को दिलाने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
- ठगी में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट और मिरर पोर्टल की साप्ताहिक समीक्षा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर करने के लिए भी कहा गया है।
माफिया पर भी लगाम
अवैध खनन, बजरी और एनडीपीएस के मामलों में सख्ती के साथ-साथ इनमें पुलिस की मिलीभगत पाए जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। भारतीय न्याय संहिता में संगठित अपराध की धारा में पेंडिंग केस का निस्तारण करने के लिए कहा है।
सूचना रजिस्टर नहीं होने पर नाराजगी
थानों में सूचना रजिस्टर का संधारण नहीं होने पर भी आपत्ति जताई गई है। जिले के कई थानों में यह रजिस्टर नहीं हैं, जिसे खुलवाने के लिए कहा है। गिरफ्तार लोगों के फिंगर प्रिंट नेफिस पोर्टल पर शत प्रतिशत अपलोड करने और ई-समन की तामील बढ़ाने पर जोर दिया है।
---
थानों में हो समुचित व्यवस्था
पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। इसके लिए इसी माह में शिविर आयोजित करने के लिए कहा है, वहीं सभी थानों में महिला कार्मिकों के लिए शौचालय, चेंजिंग रूम व बैरक जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित किए जाने के निर्देश भी कहा गया है।
---
डीजी की क्राइम मीटिंग का हवाला
यह निर्देश एक माह पहले पुलिस मुख्यालय में हुई क्राइम मीटिंग में तय की गई गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करने के बारे में है। यह मीटिंग एडीजी (अपराध शाखा) और डीजी पुलिस के निर्देशन में हुई थी, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी रही थी।