
उदयपुर. जिले में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। वर्ष 2026-27 के बजट के तहत जिले में 79.58 करोड़ की लागत से 151 सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन कार्यों के जरिये जिले में 247.94 किमी लंबे सड़क नेटवर्क का निर्माण होगा। जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव, कस्बे और शहर को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ना है।
68 मिसिंग लिंक और 83 सड़कें होंगी दुरुस्त
स्वीकृत कार्यों में 68 मिसिंग लिंक सड़कें शामिल हैं, जिनके बनने से वर्षों से अधूरे पड़े संपर्क पूरे होंगे। वहीं 83 नॉन-पैचेबल सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों की पहुंच बेहतर होगी, बल्कि किसानों को मंडियों तक पहुंचने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने और पर्यटन स्थलों तक आवाजाही में भी सुविधा मिलेगी।
हर विधानसभा को मिला हिस्सा
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अभिनंदन कुमार जैन एवं अचल गुप्ता ने बताया कि सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई है। सबसे अधिक 42 कार्य उदयपुर शहर विधानसभा में स्वीकृत हुए हैं, जबकि झाड़ोल विधानसभा में सबसे अधिक 47.63 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया जाएगा। गोगुंदा और वल्लभनगर में भी 40 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनेंगी।
विधानसभावार सड़क विकास
विधानसभा कुल कार्य मिसिंग लिंक नॉन-पैचेबल लागत ( करोड़) सड़क लंबाई (किमी)
उदयपुर शहर 42 28 14 11.49 17.66
उदयपुर ग्रामीण16 3 13 12.04 35.50
झाड़ोल 21 4 17 11.96 47.63
खेरवाड़ा 14 5 9 10.08 38.25
वल्लभनगर 23 8 15 11.95 40.70
मावली 17 8 9 10.09 27.75
गोगुंदा 18 4 14 11.97 40.45
कुल 151 68 83 79.58 247.94
इन्हें होगा फायदा
- इन सड़क परियोजनाओं से जिले के ग्रामीणों और शहरवासियों को सीधा लाभ मिलेगा
- गांवों का मुख्य सड़कों से बेहतर संपर्क होगा
- किसानों को कृषि उपज मंडियों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी
- स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों का सफर आसान होगा
- मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में कम समय लगेगा
- पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा