
उदयपुर/ खरसाण. udaipur road network क्षेत्र होकर गुजरते मेगा हाइवे से लेकर जिला मुख्यालय को जोडऩे वाली सड़कों की बदहाली अब ग्रामीणों के लिए नित नई चुनौती बन रही है। बरसाती पानी के नीचे छिपे बड़े-बड़े गड्ढों से अनजान दुपहिया सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं तो चौपहिया वाहन मालिकों के लिए ये गड्ढे अनावश्यक खर्च की वजह बन रही है। भटेवर से बांसी स्टेट मेघा हाइवे की निर्माण गुणवत्त्ता का सच तो पहले ही किसी से छिपा नहीं था। अब बरसात ने सड़क की सूरत को बहुत ही बिगाड़ दिया है। आलम यह है कि सड़क पर रोगी वाहन से किसी मरीज को जिला मुख्यालय तक पहुंचाने में भी स्टेट मेगा हाइवे का उपयोग नहीं हो रहा। सड़क सुधार को लेकर पिछली सरकार के कार्यकाल में १४ करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद वर्तमान सरकार ने पिछली मंजूरी को निरस्त कर बजट में अड़ंगा डाल दिया।
गौरतलब है कि स्टेट मेगा हाइवे दो राज्यों को जोड़ता है। यह मार्ग आगे जाकर उदयपुर को इंदौर से जोड़ता है। खरसाण, भटेवर, खेरोदा, अमरपुरा, बांसड़ा, भींडर तक इस सड़क के हाल बेहाल हैं। बीते दिनों ही खरसाण में गड्ढों से बचने के दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया था। इससे डंपर पलटी मार गया था।
गड्ढों में फंसा पिक-अप
खरसाण होकर गुजरते राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 76 पर नवानिया से रूंडेड़ा के बीच पड़े गड्ढों में गुरुवार को एक पिक अप वाहन फंस गया। समस्या से आवागमन बाधित रहा। मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अंचल गुप्ता ने बताया कि सड़क की स्वीकृति तो है, लेकिन बजट नहीं है। बजट मिलते ही सड़क सुधार कार्य शुरू करेंगे। बता दें कि रूंडेड़ा ईंटाली के ग्रामीण इस मार्ग से गुजरते हैं।
नहीं मिला कोई आदेश
मेगा हाइवे से लेकर अन्य सड़कों के नवीनीकरण को लेकर फिलहाल सरकार से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। छोटी-मोटी खामियों को विभाग स्तर पर दुरस्त करा रहे हैं।
अरविंद जोशी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी