उदयपुर

उदयपुर डेयरी: सालभर टैंकर घाटे में दौड़े या कहीं और से की भरपाई?, सभी सरेंडर

उदयपुर सरस डेयरी में एक वर्ष तक 9.91 रुपए प्रति किमी की दर से दूध परिवहन कराने वाले सभी टैंकर संचालकों ने नया टेंडर आते ही सरेंडर कर दिया। नए टेंडर में किसी भी परिवहनकर्ता ने 20 रुपए प्रति किमी से कम की बोली नहीं लगाई, जिससे पुराने अनुबंध की दरों पर सवाल उठने लगे हैं।
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Jun 28, 2026
milk tanker
file photo

उदयपुर. बाजार में माल परिवहन करने वाले टैंकरों का किराया जहां 20 से 25 रुपए प्रति किलोमीटर से कम नहीं है, वहीं उदयपुर सरस डेयरी में पिछले एक वर्ष तक दूध परिवहन का काम महज 9.91 रुपए प्रति किलोमीटर की दर पर किया गया, जैसे ही यह अनुबंध समाप्त हुआ और नया टेंडर जारी हुआ, तभी टैंकर संचालकों ने एक साथ सरेंडर कर दिया। इसके बाद नए टेंडर में किसी भी परिवहनकर्ता ने 20 रुपए प्रति किलोमीटर से कम की दर पर बोली नहीं लगाई।

खड़े हुए कई सवाल

यह बदलाव कई सवाल खड़े कर रहा है। यदि बाजार की वास्तविक दर 20 से 25 रुपए प्रति किलोमीटर थी तो एक साल तक 9.91 रुपए प्रति किलोमीटर में परिवहन कैसे संभव हुआ? क्या ट्रांसपोर्टरों ने वास्तव में घाटा सहकर काम किया या फिर घाटे की भरपाई किसी अन्य तरीके से की जाती रही। इन सवालों पर डेयरी प्रबंधन जांच कराने के पक्ष में नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि कम दर का सीधा आर्थिक लाभ डेयरी को मिला।

पत्रिका ने किया था खुलासा

राजस्थान पत्रिका ने गत दिनों टैंकर दरों का खेल? 25 के मुकाबले 9.91 रुपए प्रति किमी में दौड़े, घाटे की पूर्ति कैसे? शीर्षक से प्रकाशित खबर में इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया था। इस बीच टेंडर अवधि पूरी हुई और डेयरी ने नया टेंडर जारी किया। इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

नई बोली ने खोली पुराने टेंडर की परतें

नए टेंडर में किसी भी परिवहनकर्ता ने 20 रुपए प्रति किलोमीटर से कम की दर नहीं दी। बाजार में वर्तमान परिवहन दर 20 से 22 रुपए प्रति किलोमीटर होने के कारण डेयरी प्रबंधन ने इसी दर पर टेंडर अंतिम रूप दे दिया। यानी जिस काम के लिए पिछले एक वर्ष तक 9.91 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान किया गया, उसी कार्य के लिए अब लगभग दोगुनी दर स्वीकार करनी पड़ी। इससे पुराने टेंडर की व्यवहारिकता पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

घाटा सहा, लेकिन बीच में कैसे छोड़ते

पत्रिका ने जब पुराने टेंडर में काम करने वाले टैंकर संचालकों से बातचीत की तो अधिकांश ने खुलकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि कुछ संचालकों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर स्वीकार किया कि कम दर पर काम करना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा था। उनका कहना था कि अनुबंध के बीच में काम छोड़ने पर अमानत राशि जब्त होने का खतरा था। इसलिए मजबूरी में पूरे कार्यकाल तक परिवहन करना पड़ा। अनुबंध समाप्त होते ही सभी ने नई शर्तों के अनुसार काम करने का निर्णय लिया।

तथ्यों में समझिए पूरा मामला

बाजार में परिवहन दर 20-22 रुपए प्रति किमी

पुराने टेंडर की दर 9.91 रुपए प्रति किमीनए टेंडर की स्वीकृत दर 20 रुपए प्रति किमी

प्रति टैंकर प्रतिदिन दूरी 160-200 किमीकुल टैंकर 15

प्रति टैंकर क्षमता10000 लीटर

कुल दूध संग्रह लगभग 1 लाख लीटर प्रतिदिन

15 रूटों से डेयरी तक पहुंचता है दूध- सरस डेयरी के लिए सबसे अधिक दूध सराड़ा और सलूम्बर क्षेत्र से आता है। इसके अलावा शहर में दूध वितरण के लिए 9 जोन में 18 वाहन संचालित किए जाते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 13 वाहन सप्लाई व्यवस्था संभालते हैं। इन वितरण वाहनों का भुगतान प्रति लीटर दूध वितरण के आधार पर किया जाता है।

Published on:
28 Jun 2026 06:08 pm