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उदयपुर का हाल : पुनर्विकास कार्य के चलते चारों ओर से खुले पड़े हैं शहर के दोनों रेलवे स्टेशन, सुरक्षा पर बढ़ा खतरा

उदयपुर सिटी और राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के चलते कई स्थानों से बिना जांच प्रवेश हो रहा है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। मेटल डिटेक्टर हटने और निगरानी की कमी के कारण चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है।
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उदयपुर

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Mukesh Gaur

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Updated: 27 Jun 2026, 6:13 PM IST

udaipur city railway station

उदयपुर शहर का सिटी रेलवे स्टेशन

उदयपुर. मुंबई के अंधेरी और बोरीवली रेलवे स्टेशनों के बीच लोकल ट्रेन में मामूली बात पर 22 वर्षीय युवक की हत्या ने रेल सफर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उदयपुर सिटी और राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन भी तीन वर्षों से इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

दोनों स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य से कई जगह से बेरोकटोक प्रवेश हो रहा है। स्टेशन में आने वाले लोगों के पास हथियार या अन्य प्रतिबंधित सामान की न तो नियमित जांच हो रही और न मेटल डिटेक्टर हैं। पर्यटन नगरी में सुरक्षा व्यवस्था पर समय रहते ध्यान नहीं दिया तो बड़ी वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता।

तीन रास्तों से हो रहा प्रवेश

उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर तीन साल से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। स्टेशन की सेकंड एंट्री बंद है, पर फर्स्ट एंट्री क्षेत्र में भी यात्रियों का तीन अलग-अलग जगह से प्रवेश हो रहा है। यात्री पार्सल कार्यालय के पास, मुख्य द्वार और रेलवे क्वार्टर स्थित मंदिर के समीप से यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं। ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय तीनों स्थानों पर न तो टीटीई तैनात रहते हैं और न आरपीएफ जवान। ऐसे में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति आसानी से परिसर में आकर ट्रेन तक पहुंच सकता है।

एक साल से नहीं है मेटल डिटेक्टर

सिटी रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर के पास मुख्य प्रवेश द्वार पर पहले मेटल डिटेक्टर था, पर यह उपकरण एक वर्ष से हटाया हुआ है। इससे यात्री बिना सुरक्षा जांच के स्टेशन में प्रवेश कर रहे हैं। इसके अलावा दो अस्थायी प्रवेश द्वार भी सभी के लिए खुले हुए हैं।

चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी

चारों ओर से खुले पड़े स्टेशन परिसर में कुछ महीनों से चोरी की घटनाओं में भी वृदि्ध हुई है। स्टेशन पर स्टॉल संचालकों, यात्रियों और रेलवे के सामान तक को चोर निशाना बना रहे हैं। छोटी वारदात आए दिन हो रही हैं, पर अधिकांश मामलों में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई जा रही।

राणा प्रताप नगर स्टेशन पर भी यही स्थिति

राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। मुख्य द्वार से कोई भी सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकता है। गुड्स यार्ड के समीप तथा नए स्टेशन भवन की ओर से भी प्लेटफॉर्म तक पहुंचना बेहद आसान है। ऐसे में यहां भी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन : आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ता कदम

उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 354 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एयरपोर्ट जैसी पहचान देने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत नया स्टेशन भवन, विशाल कॉनकोर्स, अलग आगमन और प्रस्थान क्षेत्र, एस्केलेटर, लिफ्ट, आधुनिक प्रतीक्षालय, मल्टीलेवल पार्किंग तथा बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए व्यावसायिक परिसर, फूड कोर्ट और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था भी प्रस्तावित है। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को अस्थायी प्रवेश-निकास मार्गों और यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों से खुले प्रवेश और सुरक्षा जांच में कमी को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। इसके बावजूद परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, पर्यटन नगरी उदयपुर की छवि को और मजबूत करेगा तथा क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगा।