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उदयपुर. जिले में आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने में थाने पिछड़ते जा रहे हैं। लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने सख्ती अपनाने का निर्णय लिया है। पुलिस मुख्यालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए सख्ती बरतने के लिए कहा है। आदतन अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के प्रभावी उपयोग से न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि कानून का भय भी बढ़ेगा।
इस साल में अब तक कुछ ही थानों की ओर से गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इनमें सूरजपोल और भूपालपुरा थाने में 3-3, अंबामाता, सुखेर, प्रतापनगर, नाई थानों की ओर से 2-2, हिरणमगरी, गोवर्धनविलास और कुराबड़ थाने में 1-1 कार्रवाई ही की गई है। जिले के बाकी किसी भी थाने की ओर से अब तक एक भी इस्तगासा पेश नहीं किया गया है। इस स्थिति को पुलिस मुख्यालय ने भी गंभीरता से लिया है। इस पर एसपी ने सभी थानाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत नियमित कार्रवाई की जाए।
गुंडा एक्ट: प्रदेश में कार्रवाई
44 बदमाशों के खिलाफ वर्ष 2024 में कार्रवाई
133 बदमाशों के खिलाफ साल 2025 में सख्ती
45 बदमाशों के खिलाफ साल 2026 में कार्रवाई
जिले में कानून बनाम हकीकत
- आदतन एवं असामाजिक प्रवृत्ति के अपराधियों पर सामान्य आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के साथ ही उनके विरुद्ध गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- ऐसे अपराधियों की श्रेणियां निर्धारित हैं, जो लगातार अपराधों में संलिप्त रहते हैं और जिनके विरुद्ध विशेष कार्रवाई की जा सकती है। इसके बावजूद जिले के कई पुलिस थानों की ओर से अपेक्षित प्रस्ताव नहीं भेजे जा रहे।
- जांच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खुद निगरानी करते हुए प्रत्येक थाने से प्रतिमाह कम से कम दो-दो इस्तगासे एसपी कार्यालय जरूर भेजें। साथ ही प्रत्येक माह इस प्रक्रिया का नियमित पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।
Published on:
27 Jun 2026 05:42 pm
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