
प्र्र्रमाेद साेनी / उदयपुर. सीजनेबल सीताफल की इन दिनों अच्छी आवक है। दीपावली पूर्व से बाजार में सीताफलों की अवक होने लगी है जो करीब एक माह तक रहती है। मेवाड़ की पहाडियों पर इस बिना पानी के फल की पैदावर इस बार अधिक हुई है। पहाड़ी इलाकों में पैदा होने वाला यह फल मीठा स्वादिष्ट व अत्यंत गुणकारी है। मेवाड़ में अरावली की शंृखलाओं विशेषकर कुंभलगढ़, सायरा, जरगा पर्वत, गोगुंदा, खमनोर, चारभुजा सेवेंत्री, झाड़ोल, कोटड़ा के कुछ क्षेत्रों से भी काफी मात्रा में सीताफल उदयपुर बिकने को आते हैं। इस बार बारिश अधिक होने से सीताफल की पैदावार भी अधिक हुई है।सुबह ६०, शाम को २० का हो जाता हैगोगुंदा व कुंभलगढ़, झाड़ोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों से ग्रामीण इस पहाड़ी फल को बेचने शहर में आते है। इस दौरान सुबह आठ बजे ये फल ५० से ६० रुपए प्रति किलो के भाव से बिकते हैं। दिन ढलने के साथ सीताफल के भाव भी कम होने लगते है। शाम होते होते १५ से २० किलो रुपए में ब्रिकी होती है।रोजगारअरावली की पहाडि़यों में पैदा होने वाला बिना पानी का यह फल ग्रामीणों को महीने भर का रोजगार भी देता है। ग्रामीण शाम को पहाड़ो से फल लेकर आते है व शहर में आकर बेचते हंै। इससे उनके घर का चूल्हा जलता है। गोगुंदा निवासी हरजी मीणा ने बताया कि एक माहके लिए यह रोजगार देता है वह हर तीसरे दिन गावं से सीताफल के दो टोकरे लेकर आते हंै बेचकर करीब हजार बारह सौ रुपए कमाकर ले जाते हैं। कुंभलगढ़ के केशु व खुशबी ने बताया कि यह फल दिवाली के पूर्व पेड़ों आ जाता है। वें भी पांतरे यहा फल बेचने आते हैं व सुबह से ९ बजे से शाम ४ बजे तक यहां से फल बेचकर शाम को गावं चले जाते है।बाहर भी जाते हैकुम्भलगढ़, सायरा, गोगुंदा का सीताफल शहर से बाहर अजमेर, जयपुर, गुजरात, अहमदाबाद तक बिकने जाते है। ग्रामीण बताते हंै कि हर बार से इसबार बारिश अधिक होने से इसकी बम्पर पैदावार हुई है।दवा में भी गुणकारीडॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि सीताफल खाने से शरीर में ताकत आती है व शरीर में खून की कमी की पूर्ति करता है। उन्होंने बताया कि इसमें प्रोटीन, केल्सियम, सोडियम सहीत कई सारे विटामिन होते हैं। इसके बीज का उपयोग बालों में जूं को मारने व इसके पत्तों के रस को बालों में लगाने से गंजापन दूर होता है। अस्थमा रोगियों, ब्लड प्रेशर आदि के लिए फायदे बंद है।मिठाई व आइस्क्रीम बनती हैइस मौसमी फल से आइस्क्रीम व मिठाई भी बहुत बनाई जा रही है। शहर के आइस्क्रीम विक्रेता सीताफल की आइस्क्रीम बनाते हैं, जिसमें विशेष कर फैमेली पैक की ब्रिकी होती है। वही मिठाई विक्रेता ने बताया कि सीताफल की रबड़ी व रसमलाई व कस्टड बनाया जाता हैख् जो इस मौसम में बहुत बिकती है। वही कई जगह सीताफल से विभिन्न मिठाई भी बनाई जाती है व बाहर भेजी जाती है।यहां लगती है मंडीशहर के शास्त्री सर्कल, कोर्ट चौराहा, फतहपुरा, साइफन, आयड़, सूरजपोल सहित मंडी में भी कई विक्रेताओं के यहां ब्रिकी होती है।