उदयपुर

उदयपुर : उदियापोल स्टैंड की बदलेगी तस्वीर: बनेगा मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स… नीचे दौड़ेंगी बसें, ऊपर कमर्शियल हब

उदियापोल रोडवेज बस स्टैंड का पुनर्विकास अब पीपीपी मॉडल के बजाय यूडीए के माध्यम से होगा। प्रस्तावित योजना में भूतल पर बस स्टैंड, वर्कशॉप और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित होंगे, जबकि ऊपरी मंजिलों पर रोडवेज कार्यालय और कमर्शियल गतिविधियों के लिए जगह बनेगी। निर्माण के लिए यूडीए अपने संसाधनों और बैंक ऋण का सहारा लेगा। परियोजना की प्रारूप रिपोर्ट 45 से 60 दिन में तैयार होगी।
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Updated: 3 Nov 2026, 6:09 PM IST
inspection of bus stand
बस स्टैंड का निरीक्षण करते प्रमुख शासन सचिव परिवहन। 

उदयपुर. उदियापोल स्थित रोडवेज बस स्टैंड की तस्वीर अब बदलने वाली है। लंबे समय से आधुनिक बस स्टैंड के रूप में विकसित होने का इंतजार कर रहे इस परिसर का निर्माण अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के बजाय उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के माध्यम से करवाया जाएगा। इसके लिए यूडीए अपने वित्तीय संसाधनों और जरूरत पड़ने पर बैंक ऋण के जरिये परियोजना विकसित करेगा। बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं के साथ रोडवेज वर्कशॉप, कार्यालय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह विकसित की जाएगी।

इसी सिलसिले में सोमवार को परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष भवानी सिंह देथा ने उदियापोल बस स्टैंड का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौजूद एसी यात्री प्रतीक्षालय को महिला यात्रियों के लिए खोलने और बस स्टैंड पर साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उनके साथ निगम के अधीक्षण अभियंता (निर्माण) दीपेश नागर भी मौजूद रहे।

यूडीए आयुक्त के साथ विकास पर मंथन

बस स्टैंड के विकास को लेकर देथा ने यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना और मुख्य अभियंता संजीव शर्मा के साथ बैठक की। इसमें परियोजना के स्वरूप, निर्माण और वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा हुई। इससे पहले शहरी विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता के स्तर पर भी इस संबंध में बैठक हो चुकी है। राज्य सरकार ने परिवहन निगम के बस स्टैंड को संबंधित विकास प्राधिकरणों के माध्यम से विकसित कराने का निर्णय किया है।

ग्राउंड फ्लोर पर बस स्टैंड और वर्कशॉप

प्रस्तावित योजना के अनुसार भूतल पर बस स्टैंड, वर्कशॉप और सीमित व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। वहीं, ऊपरी मंजिलों पर रोडवेज कर्मचारियों के कार्यालय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह बनाई जा सकेगी। व्यावसायिक परिसर को किराए, लाइसेंस या लीज पर देकर निर्माण और रखरखाव की लागत जुटाई जाएगी। इसके लिए वित्तीय मॉडल के अनुसार 20 से 30 वर्ष तक की अवधि निर्धारित की जा सकती है। बसों का संचालन रोडवेज के पास ही रहेगा।

45 से 60 दिन में तैयार होगी प्रारूप रिपोर्ट

22 अक्टूबर को अतिरिक्त मुख्य सचिव, शहरी विकास एवं आवासन विभाग की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के अनुसार परिवहन निगम और संबंधित विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू किया जाएगा। विकास प्राधिकरण को परियोजना के लिए 45 से 60 दिन में प्रारूप प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके बाद स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

फिलहाल यात्री सुविधाओं पर जोर

आधुनिक बस स्टैंड की योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के बीच अधिकारियों ने मौजूदा परिसर की व्यवस्थाएं सुधारने पर भी जोर दिया है। एसी प्रतीक्षालय महिला यात्रियों के लिए खोलने और नियमित सफाई के निर्देश इसी दिशा में दिए गए हैं। इस दौरान उदयपुर आगार के मुख्य प्रबंधक हरदीप सिंह राव के साथ ही अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

उदयपुर बस स्टैंड के पुनर्निर्माण का काम अब यूडीए के माध्यम से किया जाएगा। यह काम पांच से छह माह में शुरू हो जाएगा। इसकी प्रक्रिया जारी है।

- भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव, परिवहन

Updated on:
3 Nov 2026, 6:09 PM IST
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