उदयपुर

उदयपुर : सावधान! वॉट्सएप पर वीबीएस-जिप फाइल खोली तो डिवाइस हाईजैक

वॉट्सएप पर आने वाली संदिग्ध VBS और ZIP फाइलें साइबर अपराधियों के लिए मालवेयर फैलाने का जरिया बन सकती हैं, जिससे डिवाइस और निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है। राजस्थान पुलिस और CERT-In ने लोगों को अनजान या परिचित नंबर से आई अप्रत्याशित फाइलें बिना पुष्टि खोले बिना सावधानी बरतने और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी है।
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Aug 24, 2026
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उदयपुर. वॉट्सएप पर किसी परिचित या अनजान नम्बर से आने वाली फाइल अब केवल एक दस्तावेज नहीं, साइबर अपराधियों का जाल हो सकती है। खासकर वीबीएस और जिप एक्सटेंशन वाली संदिग्ध फाइल को खोलना कंप्यूटर और उसमें मौजूद अहम डेटा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। राजस्थान पुलिस ने इस संबंध में अलर्ट जारी कर नागरिकों को ऐसी फाइलों से सावधान रहने की अपील की है।

खतरा खासतौर पर वॉट्सएप वेब और वॉट्सएप डेस्कटॉप इस्तेमाल करने वालों के लिए गंभीर है। भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम सीईआरटी-इन (कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम) ने भी हाल ही में चेतावनी जारी की थी। बताया कि वॉट्सएप के जरिए दुर्भावनापूर्ण विजवल बेसिक स्क्रीप्ट यानी वीबीएस फाइलें भेजकर मालवेयर फैलाने का षडयंत्र सामने आया है। साइबर अपराधी कई बार पहले से प्रभावित वॉट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर पीड़ित के परिचितों को ही संदिग्ध फाइल भेजते हैं, जिससे संदेश भरोसेमंद नजर आ सकता है।

विशेषज्ञों ने भी चेताया

- अपराधी इन फाइलों को बैंक स्टेटमेंट, अकाउंट डिटेल, आरबीआई, एमसीए या अन्य जरूरी दस्तावेज जैसे नाम देकर भेज सकते हैं।

- भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने भी वॉट्सएप, ई-मेल, एसएमएस से भेजी जा रही फाइलों से जुड़े साइबर हमलों के बारे में चेताया है।

- ऐसे मामलों में संक्रमित विंडोज डिवाइस और सक्रिय वॉट्सएप वेब सत्र से छेड़छाड़ कर आगे ठगी की कोशिश की जा सकती है।

यह सावधानी रखना जरुरी

फाइल भेजने वाले का नाम देखकर ही भरोसा न करें, पहले फाइल की सच्चाई जांचें। अनजान या संदिग्ध वीबीएस फाइल को डाउनलोड न करें। जिप फाइल को भी सुरक्षित मानकर तुरंत न खोलें, क्योंकि उसके भीतर संदिग्ध स्क्रिप्ट या अन्य फाइल छिपी हो सकती है। परिचित के नंबर से फाइल आए तो अलग माध्यम से संपर्क कर पुष्टि करें।

गड़बड़ी होने पर यह करें उपाय

यदि गलती से भी फाइल खुल जाए और डिवाइस और वॉट्सएप पर असामान्य गतिविधि दिखने लगे तो इंटरनेट कनेक्शन हटा दें, संबंधित पासवर्ड बदलें, सक्रिय वॉटसएप वेब/लिंक डिवाइस की जांच करें और साइबर अपराध की रिपोर्ट करनी चाहिए। ठगी होने पर बिना वक्त गंवाए 1930 और साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर संपर्क करें।

संदिग्ध वीबीएस या जिप फाइलें साइबर अपराधियों के लिए डिवाइस में मालवेयर पहुंचाने का माध्यम बन सकती है। अनजान ही नहीं, परिचित के नंबर से आई अप्रत्याशित फाइल भी बिना पुष्टि न खोलें। खासकर वॉट्सएप वेब और डेस्कटॉप यूजर्स फाइल एक्सटेंशन जांचें और नियमित रूप से लिंक्ड डिवाइस की समीक्षा करें।

श्यामसिंह रत्नू, डीएसपी व प्रभारी, साइबर थाना

Updated on:
24 Aug 2026 06:38 pm
Published on:
24 Aug 2026 06:33 pm