
सड़क हादसा। (फोटो सोर्स- पत्रिका)
उदयपुर। सड़क हादसे में अब सिर्फ वाहन चालक की गलती ही जांच के दायरे में नहीं आएगी, बल्कि सड़क बनाने और उसका रखरखाव करने वाली एजेंसियां भी जिम्मेदार मानी जाएंगी। केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में संशोधन कर सड़क सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का दायरा बढ़ाया है। जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198A में बदलाव किया गया है। इसके तहत सड़क के डिजाइन, निर्माण या रखरखाव में लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की मौत या स्थायी दिव्यांगता होती है तो संबंधित प्राधिकरण, ठेकेदार, कंसल्टेंट या कंसेशनायर पर 50 लाख रुपए तक की पेनल्टी लगाई जा सकेगी।
अब तक सड़क दुर्घटनाओं में कार्रवाई का मुख्य आधार चालक की लापरवाही, तेज गति, नशे में वाहन चलाना या यातायात नियमों का उल्लंघन होता था। संशोधित धारा 198A के अनुसार यदि जिम्मेदार एजेंसी सड़क डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के निर्धारित मानकों का पालन करने में विफल रहती है और इसके कारण मौत या दिव्यांगता होती है तो उस एजेंसी पर पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। बड़ी बात ये है कि जिम्मेदारों पर 50 लाख रुपए तक की पेनल्टी भी लगाई जा सकती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार कई हादसे केवल वाहन चालक की गलती से नहीं होते, बल्कि खराब इंजीनियरिंग, गलत मोड़, अधूरे संकेतक, खराब डिवाइडर, गड्ढे और रोशनी की कमी भी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। नए नियमों में सड़क निर्माण एजेंसियों को डिजाइन और मेंटेनेंस के दौरान सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देनी होगी।
संशोधन में पेनल्टी राशि के उपयोग की व्यवस्था भी तय की गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े मामलों में वसूली गई राशि मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड में जमा की जाएगी। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा अन्य सड़कों के मामलों में यह राशि राज्य सरकार को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दी जाएगी।
राजस्थान के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होने वाली मौतें महज दुर्योग नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों का नतीजा है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ताजा रिपोर्ट में राज्य में सड़क सुरक्षा के लिए बनाए गए 'रोडमैप' और 'कार्य योजनाओं' के कागजी दावों की तस्वीर सामने आई है। कैग के अनुसार 2019 से 2024 के बीच राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर 63,882 सड़क हादसे हुए। यह प्रदेश में हुए कुल हादसों का 46.73 प्रतिशत है। इनमें 36,367 लोगों की मौत हुई, जो कुल सड़क मौतों का 56.37 प्रतिशत है।
Updated on:
24 Aug 2026 09:52 am
Published on:
24 Aug 2026 09:52 am
