
उदयपुर. जिले के वल्लभनगर थाने में खरसाण हल्का के तत्कालीन पटवारी व उप पंजीयक सहित तीन जनों के खिलाफ जमीन के विक्रय पत्र पर फर्जी स्थगन के आदेश का अंकन करने का मामला सामने आया है। खरसाण खेरोदा निवासी विनोद पुत्र मोहनलाल देवीदासोत ने गांव के ही कुन्दनलाल पत्र हीरालाल मेघवाल, वल्लभनगर के तत्कालीन उप पंजीयक अधिकारी सवाईलाल रेगर व खरसाण पटवार हल्का के तत्कालीन पटवारी घनश्याम शर्मा के खिलाफ इस्तगासे के जरिये धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया।
फर्जी कब्जा रिपोर्ट तक बना दी
परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि खरसाण गांव में गणेशीबाई पत्नी छगनलाल ब्राह्मण की खातेशुदा जमीन के एक तिहाई हिस्से का उसने अपने साथी दीपक व्यास, शंभूलाल गोपावत के साथ मिलकर सौदा किया था। जमीन का विक्रय पंजीयन करवाने के लिए 4 फरवरी को उप पंजीयक कार्यालय वल्लभनगर में दस्तावेज पेश किए। विक्रय पत्र पंजीयन होने के बाद परिवादी विनोद ने असल विक्रय पत्र प्राप्त किया तो उस पर स्टे संबंधी नोट लगा मिला। परिवादी का कहना है कि उसकी क्रयशुदा जमीन का कुन्दनलाल मेघवाल पड़ोसी है। उसने पटवारी घनश्याम के साथ षड्यंत्र रचकर न्यायालय का स्टे नहीं होते हुए भी विक्रय पत्र के पीछे स्टे आदेश रिकॉर्ड व मौका यथावत का लिखकर नोट लगा दिया। उप पंजीयक ने भी बिना कोई स्थगन पत्र देखे विक्रय पत्र पर नोट का अंकन कर दिया। इस तरह कुन्दनलाल, पटवारी शर्मा व उपपंजीयक ने अपने पद एवं कत्र्तव्य का दुरुपयोग किया। परिवादियों का कहना है कि आरोपियों ने कुन्दनलाल को नाजायज लाभ पहुंचाने के लिए 5 फरवरी को उसके पक्ष में मौके पर कब्जा होने की रिपोर्ट बना दी जबकि रजिस्ट्री के लिए कागज एक दिन पहले ही पेश हो गए थे।