33वें पश्चिम क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालयी सांस्कृतिक युवा महोत्सव ‘समवेत’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह
उदयपुर . जितना पैसा और रोजगार आईटी इंडस्ट्री ने अपने देश में जनरेट किया है, उतना ही बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने भी किया है। ऐसे में कोई युवा यह सोच कर डीमोटिवेट नहीं हो कि मैं पढाई में अच्छा नहीं हूं, दूसरी गतिविधियों में नहीं, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए रास्ते खुले हैं। देश में नई शिक्षा नीति के लिए हमने प्रस्ताव रखा है कि को-करिकुलर एक्टिविटीज की जगह मैन एक्टिवटीज में इन्हें शामिल किया जाए। यह विचार मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की मेजबानी में हुए 33वें पश्चिम क्षेत्र अन्तर विश्वविद्यालयी सांस्कृतिक युवा महोत्सव ‘समवेत’ के समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह में विशिष्ट अतिथि सुनील अम्बेकर ने व्यक्त किए।
रंगारंग प्रस्तुतियों की बीच पुरस्कार पाने वाली टीमों और उन्हें चीयरअप करने वालों का जोश इस अवसर पर देखते ही बना। हर नाम की घोषणा के बाद ढोल की थाप पर नृत्य कर, नारेबाजी और जयकारे लगा कर विजेताओं ने खुशियां बांटीं। सुविवि के विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुए आयोजन में अध्यक्ष पेसिफिक विवि प्रो बीपी शर्मा, प्रो कैलाश सोडानी कुलपति, गुरू गोविंद जनजाति विवि, सुविवि कुलपति प्रो जेपी शर्मा, कार्यक्रम संयोजक डॉ. मदनसिंह राठौड़, आयोजन सचिव प्रो. अनिल कोठारी, सुविवि छा़त्रसंघ अध्यक्ष भवानीशंकर बोरीवाल आदि मंचासीन हुए। समवेत में शिवाजी यूनिवर्सिटी कोल्हापुर महाराष्ट्र ओवरऑल प्रथम स्थान पर रही जबकि रनरअप यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई रही।
वनस्थली विद्यापीठ तीसरे स्थान पर, चौथे पर एसएनडीटी वूमंस मुंबई जबकि पांचवें स्थान पर मेजबान टीम मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की टीम रही। सुविवि की टीम ने भी दिखाया दम समवेत में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की टीम ओवरअला पांचवें स्थान पर रही; फाइन आर्ट्स की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर रांची में होने वाले राष्ट्रीय यूथ फेस्टिवल की पात्रता हासिल कर ली।