उज्जैन

सावन के चौथे सोमवार पर भस्म आरती के बाद बाबा ने राजा स्वरूप में दिए दर्शन, उमा महेश रूप में महाकाल की चौथी सवारी आज, देखें तस्वीरें

12 August सावन के चौथे सोमवार पर तड़के 2.30 बजे खुले महाकाल के पट, जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक के बाद भस्मारती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, आज निकलेगी बाबा महाकाल की चौथी सवारी
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Aug 12, 2024
mahakal ki sawari
Sawan Month के चौथे सोमवार पर महाकाल का अद्भुत श्रृंगार, आज शाम 4 बजे निकाली जाएगी महाकाल की सवारी।

12 August Mahakal Ki sawari: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर(Mahakaleshwar Temple Ujjain) में सावन के चौथे सोमवार (4th Monday of Sawan month) पर तड़के 2.30 बजे पट खोल दिए गए। यहां दर्शन के लिए रात से ही श्रद्धालु लाइन (mahakal devotees) में खड़े नजर आए। सबसे पहले बाब महाकाल (mahakal) का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से बाबा का अभिषेक और पूजन किया गया।

भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अभिषेक के बाद बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्रमा अर्पित कर उनका राजा स्वरूप में अद्भुत श्रृंगार किया गया। फिर महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। यही वो समय होता है, जिसका श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार होता है। बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन (Bhasm Aarti Darshan) हर कोई करना चाहता है। खुशी की बात ये है कि इस बार सावन के महीने में हर श्रद्धालु को भस्म आरती के दर्शन कराए जा रहे हैं। सावन के चौथे सोमवार पर अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

शेषनाग के रजत मुकुट पहनकर राजा बने महाकाल, हुई विशेष आरती

भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। उन्हें शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला पहनाकर राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद सुंगधित पुष्प माला धारण कराई गई। इसके बाद महाकाल की विशेष आरती की गई।

आज महाकाल की सवारी के चौथी बार दर्शन

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सावन महीने के चौथे सोमवार पर भगवान महाकाल की चौथी सवारी निकाली जाएगी। अवंतिका नाथ चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, श्यामू हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव तथा नंदी पर उमा महेश रूप में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। बता दें कि सावन सोमवार के अवसर पर देर रात से ही बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

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महाकाल सवारी में दिखेंगे लोक संस्कृति के रंग

महाकाल की सवारी में आज सावन के चौथे सोमवार पर लोक संस्कृति के रंग भी नजर आएंगे। इस बार धार के जनजाति कलाकारों का एक दल घसिया बाजा नृत्य की प्रस्तुति देते हुए महाकाल की सवारी के आगे-आगे चलेगा। महाकालेश्वर मंदिर से शाम चार बजे सवारी निकाली जाएगी।

Published on:
12 Aug 2024 08:37 am