Ujjain News: महाशिवरात्रि की भस्मारती को लगभग आधे घंटे पहले प्रारंभ किया जाएगा, ताकि दर्शन व्यवस्था बाधित न हो....
Ujjain News: महाशिवरात्रि 2026 पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शन, सुरक्षा और सुविधाओं की रूपरेखा तय की है। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए 15 व 16 फरवरी की मध्यरात्रि तक मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खुले रखने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि हाल ही में 1 जनवरी को ही 7 से 8 लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं, ऐसे में प्रशासन भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
महाशिवरात्रि की भस्मारती को लगभग आधे घंटे पहले प्रारंभ किया जाएगा, ताकि दर्शन व्यवस्था बाधित न हो और श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन मिल सकें। 16 फरवरी को दिन में भस्म आरती होगी। प्रशासन ने सामान्य, शीघ्र, वीआईपी और भस्मारती पंजीयनधारी श्रद्धालुओं के लिए पृथक-पृथक प्रवेश और निर्गम मार्ग तय किए हैं। बैठक के बाद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी संयुक्त रूप से मार्ग भ्रमण कर अंतिम व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देंगे। बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, डीआइजी नवनीत भसीन सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सामान्य दर्शनार्थियों का प्रवेश भील समाज धर्मशाला के समीप से होगा। श्रद्धालु चारधाम पार्किंग, शक्तिपथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार, महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर-01 व टनल होते हुए गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे। निर्गम आपातकालीन द्वार से बड़ा गणेश और हरसिद्धि चौराहा की ओर रहेगा। पार्किंग कर्कराज व मेघदूत में रहेगी।
शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए कर्कराज और हरसिद्धि पाल पार्किंग पर काउंटर रहेंगे। भस्मारती पंजीयनधारी श्रद्धालुओं का प्रवेश मानसरोवर भवन और द्वार नंबर-01 से होगा। पूरे दर्शन मार्ग पर जूता स्टैंड, पेयजल, शौचालय, मेडिकल हेल्पडेस्क, पीए सिस्टम, दिशा-सूचक बोर्ड, निरंतर विद्युत आपूर्ति और बेरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी। रामघाट, नृसिंह घाट और पैदल पुल क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैराक तैनात किए जाएंगे। खोया-पाया केंद्र भी स्थापित होंगे।