
Ujjain News : देशभर की तरह एमपी में भी अंतिम सावन सोमवार पर शिवालयों में भक्तों की लंबी कतार लगी है। महाकालेश्वर ज्योतिलिंग दर्शन के लिए तो लाखों लोग उज्जैन आए हैं। सोमवार को तड़के 2:30 बजे मंदिर के पट खोलकर भस्म आरती की गई। महाकाल का रजत मुकुट, मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला से श्रंगार किया गया। आज महाकाल की सवारी भी निकाली जाएगी। सावन सोमवार से पहले उज्जैन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा। सभी को जेल भी भेजा गया।
ओंकारेश्वर में भी ज्योतिलिंग दर्शन के लिए भक्त लगातार तीर्थनगरी पहुंच रहे हैं। यहां शाम को महादेव नौका विहार करेंगे। पारंपरिक सवारी में ओंकारेश्वर पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। इसमें पुलिस बैंड, 7 ढोल बैंड और धार्मिक झांकियां शामिल होंगी।
सावन सोमवार पर आज शाम 4 बजे महाकाल की परंपरागत राजसी सवारी निकलेगी। बाबा को पालकी में नगर भ्रमण कराया जाएगा। आज बाबा महाकाल बैलगाड़ी के नंदी पर श्री उमा-महेश स्वरूप में दर्शन देंगे। सवारी में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र बल, होमगार्ड, भजन-झांझ मंडली और पुलिस बैंड भी शामिल रहेगा।
महाकाल की नगरी में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ में अपराधियों के लिए भी एक बड़ा मौका पैदा हो जाता है। भीड़ में चेहरा पहचानना मुश्किल होता है, वारदात के बाद आरोपी कुछ सेकंड में गायब हो जाता है। यही वजह है कि सावन सोमवार और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बाहर से आने वाले चोरी और पॉकेटमारी गिरोह पुलिस के लिए अलग चुनौती बन जाते हैं। इससे बचने के लिए पुलिस सक्रिय हुई और डेरों, झोपड़ों और अन्य ठिकानों से कई संदिग्धों को उठाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर और आसपास अस्थायी रूप से डेरे डालने वाले लोगों की जांच की। डेरों, झोपड़ों और अन्य ठिकानों से 100 से ज्यादा महिला-पुरुषों को संदिग्ध मानकर पकड़कर पूछताछ की गई। कई के पास मोबाइल व चोरी के सामान भी मिले। पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ा तो सामने आया कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और आसपास के इलाकों से आए थे और श्रद्धालुओं के साथ वारदात करना इनका लक्ष्य था।
नागपंचमी पर सामने आई चोरी की घटनाओं और सावन सोमवार के पुराने अनुभव के बाद पुलिस ने रणनीति बदलते हुए सादी वर्दी में रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में तैनाती की। ताकि शहर में प्रवेश करते ही संदिग्धों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा आयोजन से एक दिन पहले ही संभावित डेरों और अस्थायी ठिकानों पर दबिश देकर संदिग्धों की पहचान और पूछताछ की गई।