महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण के बाद नया नजारा देखने और मंदिर के नए द्वार से प्रवेश करने के लिए फिलहाल शिव भक्तों का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है।
उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण के बाद नया नजारा देखने और मंदिर के नए द्वार से प्रवेश करने के लिए फिलहाल शिव भक्तों का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है। एक तरफ तो सरकार का कहना है कि, महाकाल मंदिर विस्तारीकरण का काम थोड़ा और बाकि है, इसलिए अचानक उद्घाटन के तय समय को रद्द करना पड़ा है। इसी बीच जानारी ये भी सामने आई है कि, तय तारीख की अवधि में प्रदेश में पंचायत और नगरीय चुनावों के चलते आचार संहिता लागू रहेगी। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी दौरा टल जाने के कारण उद्घाटन कार्यक्रम को निरस्त किया गया है। उम्मीद है कि, चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद उद्घाटन की नई तारीखें सामने आएंगी।
आपको बता दें कि, प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर को नए स्वरूप में लाने के लिए मंदिर विस्तारीकरण का काम चल रहा है। पहले चरण का काम पूरा होने वाला है।इसके लिए पीएम मोदी विस्तारीकरण योजना का उद्घाटन करने के लिए जून माह के दूसरे सप्ताह में उज्जैन आने वाले थे। लेकिन, प्रदेश में आचार संहिता होने के कारण पीएम का दौरा रद्द कर दिया गया है। उज्जैन के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संतोष टैगोर के अनुसार, स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव के चलते आचार संहिता लग चुकी है। ऐसे में पीएम का दौरा आगे बढ़ाया गया है।
नया द्वार बनने के बाद शुरु होगी प्रवेश की नई व्यवस्था
उज्जैन के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संतोष टैगोर का कहना है कि, फिलहाल, अभी तय नहीं हुआ है कि, प्रधानमंत्री के दौरे की अगली तारीख क्या होगी। मगर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत प्रदेश के जनप्रतिनिधि उद्घाटन कार्यक्रम में आने वाले थे। उन्होंने बताया कि, महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण का कुछ कार्य अभी बाकी है, जिसपर तेजी से काम चल रहा है। उल्लेखनीय के महाकालेश्वर मंदिर का विस्तारीकरण पूर्ण के बाद मुख्य द्वार समेत अन्य व्यवस्था बदल जाएगी। शिव भक्तों को मंदिर में आने के लिए नए द्वार से गुजरना पड़ेगा। फिलहाल, पुरानी व्यवस्था से ही शिवभक्त मंदिर प्रांगण में प्रवेश ले रहे हैं।
700 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च कर रही सरकार
महाकालेश्वर मंदिर विस्तारीकरण का काम दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। जबकि, दूसरे चरण का काम आगे पूरा किया जाएगा। दोनों चरणों के विस्तारीकरण कार्य पर खर्च होने वाली राशि पर गौर करें तो सरकार इस प्रोजेक्ट पर 700 करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च कर रही है। फिलहाल, 300 करोड़ से ज्यादा राशि अबतक खर्च की जा चुकी है। महाकालेश्वर मंदिर का पूरा परिसर पहले 2 हेक्टेयर का था जो अब बढ़कर 20 हेक्टेयर हो गया है।
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