
airport (Photo Source: AI Image)
MP News: शहर में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर भोपाल में डेड लाइन तय हो गई है। इसके अनुसार 6 महीने में प्रशासन भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडियां (एएआइ) को हस्तांतरित कर देगा। इस बीच एएआइ टेंडर व अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेगा। इसके बाद वर्ष के अंत से पहले फील्ड पर एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो जाएगा। देवास रोड दताना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है। इसे लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह मौजूद रहे। बैठक में एयरपोर्ट निर्माण योजना को लेकर डेड लाइन तय की गई। इसमें भू-अर्जन का समय, टेंडर प्रक्रिया, निर्माण प्रारंभ व पूर्ण करने की अवधि निर्धारित की गई। इसके अनुसार प्रशासन को 6 महीने में भू- अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण कर एएआइ को जमीन हस्तांतरित करना है ताकि वे निर्माण कार्य शुरू कर सके। तय डेड लाइन के अनुसार कार्य होता है तो नवंबर-दिसंबर तक दताना एयर स्ट्रीप पर एयरपोर्ट निर्माण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। कार्य सिंहस्थ-28 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
उज्जैन में हवाई यात्रा की सुविधा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता में शामिल है। सुविधा शुरू होने से सिर्फ सिंहस्थ ही नहीं इसके बाद भी शहर विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पिछले वर्ष नवंबर में मप्र शासन और एयरपोट्र्स अथोरिटी आफ इंडिया (एएआइ) के मध्य एमओयू साइन हो चुका है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक में एयरपोर्ट निर्माण के लिए 590 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी जा चुकी है। इस राशि का उपयोग भू-अर्जन में होगा।
मप्र शासन और एएआइ के बीच हुए एमओयू का उद्देश्य उज्जैन एयरपोर्ट को एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए विकसित करना व भविष्य में ए-320/321 श्रेणी के बड़े विमानों के संचालन की संभावनाओं को साकार करना है। एटीआर-72 छोटे विमान की एक श्रेणी है। इसकी बैठक क्षमता 72 यात्रियों की है। हालांकि भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए नया प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। इसमें पूर्व में जहां करीब 241 एकड़ जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता थी वहीं अब 400 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की जाएगी। ऐसा होने पर भविष्य में उड़ान सेवा का विस्तार हो सकेगा और उज्जैन से अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भी संभव हो पाएंगी।
मध्यमवर्गी लोगों में भी हवाई यात्रा की पहुंच बढ़ी है। सिंहस्थ-28 में 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का आंकलन है। सिंहस्थ पूर्व यहां एयरपोर्ट प्रारंभ होने से उज्जैन देश के कई बड़े शहरों से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ सकेगा। उच्च श्रेणी यात्रियों के अलावा मध्यमवर्गीय यात्री भी हवाई मार्ग से कम समय में सीधे उज्जैन पहुंच सिंहस्थ का धार्मिक लाभ व आनंद ले सकेंगे।
एयरपोर्ट योजना को लेकर डेड लाइन तय की गई हैं। इसके आधार पर एयपपोर्ट निर्माण करते हुए सिंहस्थ पूर्व सुविधा प्रारंभ की जाएगी। - रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर
Published on:
07 May 2026 05:09 pm
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