पुराने शहर में भी रसोई तक पाइप से आएगी गैस
उज्जैन. नए शहर के बाद अब पुराने शहर के इलाकों में भी पाइप्ड नैचुरल गैस की पाइप लाइन डालने का काम तेजी से चल रहा है। जिन कॉलोनियों व मोहल्लों में 50 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कनेक्शन लेने में रुचि दिखाई, कंपनी वहां आधुनिक मशीनों के जरिए लाइन बिछवा रही है। पोकलेन नुमा मशीन से सीधे जमीन के अंदर पाइप डाले जा रहे हैं। इससे सड़कों को अधिक नुकसान नहीं होता। केवल जहां चैंबर वॉल बनाए जाना है वहीं गड्ढे खोदे जा रहे हैं।
जहां लाइन डल रही वहां कंपनी ने 500 रुपए एडवांस लेकर कनेक्शन प्रक्रिया की
पुराने शहर में रविशंकर नगर, सूरज नगर, पाश्र्वनाथ परिसर, रंगबावड़ी सहित आसपास के इलाकों में अवंतिका गैस कंपनी ने लाइन डालने का काम शुरू किया है। इन क्षेत्रों में अच्छी संख्या में लोगों ने पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए रजामंदी दी है। इसके लिए कंपनी ने एडवांस रूप में प्रत्येक घर से 500 रुपए लिए हैं।
सिलेंडर के झंझट से मिलेगी मुक्ति
जब यहां गैस सप्लाय शुरू हो जाएगी तो लोगों को सिलेंडर लेने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। नए शहर में तो दर्जनों कॉलोनियों में पीएनजी के जरिए ही चूल्हे जल रहे हैं।
बारिश में रुका काम, गड्ढों में पानी
बुधवार को दिनभर बारिश हुई, जिसके चलते पाइप लाइन संबंधी काम रुका रहा। चैंबर के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भरने से ये खतरनाक स्थिति में आ गए। वहीं जहां से पाइप डालने ड्रिल किया गया वहां भी कीचड़ फैलने लगा। काम कर रहे कंपनी कर्मचारियों ने बताया कि मौसम खुलने पर फिर काम शुरू करेंगे।
गंभीर में आया 65 एमसीएफटी पानी, 1600 पहुंचा लेवल
उज्जैन। बुधवार सुबह से देर रात तक लगातार हुई बारिश ने गंभीर डैम में 65 एमसीएफटी पानी का इजाफा किया। सुबह से शाम तक की अवधि में ये पानी बढ़ा है। इंदौर के क्षेत्र सहित कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हुई, जिसके चलते डैम का जलस्तर 1600 एमसीएफटी पहुंच गया। 2250 की पूर्ण क्षमता वाले गंभीर डैम के भरने में अब 650 एमसीएफटी पानी की और दरकार है।
बीते 15 दिन से जोरदार बारिश नहीं होने के चलते डैम में पानी की उल्लेखनीय आवक नहीं हो पा रही थी। इससे पहले इंदौर क्षेत्र में हुई बारिश व यशवंत सागर डैम के गेट खोलने के चलते अच्छी मात्रा में पानी आ गया था। लेकिन बुधवार को प्रकृति की मेहरबानी से एक ही दिन में डैम में 65 एमसीएफटी पानी बढ़ गया। डैम प्रभारी एई नरेश कुवाल के अनुसार नियमित जलप्रदाय होने से प्रतिदिन डैम से 7 से 8 एमसीएफटी पानी की खपत भी हो रही है। उम्मीद है कि अगस्त में डैम पूर्ण क्षमता से भर जाएगा।