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जिसे ‘गैस एसिडिटी’ समझा, वो था ‘कार्डियक अरेस्ट’, ’33 साल का कुलदीप चला गया …’

Cardiac Arrest: यंगस्टर्स की अनियमित दिनचर्या देर रात तक जागना, जंक फूड, धूम्रपान, शराब, व्यायाम की कमी और बढ़ता ब्लड प्रेशर युवाओं के दिल पर गंभीर असर डाल रहे हैं।

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cardiac arrest (Photo Source - Patrika)

Cardiac Arrest: मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में कुलदीप पटेल (33) पिता राजेंद्र की अचानक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। परिजनों के मुताबिक कुलदीप को सुबह करीब 8 बजे घबराहट महसूस हुई। उसे लगा कि शायद पेट में गैस या एसिडिटी की समस्या है। रिश्तेदार अभिषेक सोलंकी ने बताया ब्लड प्रेशर चेक करने की तैयारी ही कर रहे थे कि कुलदीप अचानक सोफे से नीचे गिर पड़ा।

परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने ईसीजी और जांच के बाद बताया कि उसकी हार्ट बीट बंद हो चुकी थी। प्राथमिक जांच में साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई गई। कुलदीप की शादी तीन साल पहले हुई थी और उसका ढाई साल का बेटा है। अचानक हुई मौत के बाद पूरे मालीपुरा क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। परिवार और परिचितों को यकीन ही नहीं हो पा रहा कि हंसता-खेलता युवक कुछ मिनटों में जिंदगी हार गया।

युवा 36 इंच से कम रखें कमर, हमेशा रहेंगे स्वस्थ

डॉ. विजय गर्ग, सीनियर प्रोफेसर का कहना है कि पिछले कुछ सालों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। इनमें मूक हार्ट अटैक 40 प्रतिशत मामलों में 40 से कम उम्र के युवा है जो साइलेंट अटैक के शिकार होते हैं। ऐसे केस में हमेशा सीने में तेज दर्द नहीं होता। कई बार मरीज को केवल घबराहट, गैस, बेचैनी, पसीना, सांस फूलना, जबड़े या कंधे में दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

इसका कारण आज की अनियमित दिनचर्या है, देर रात तक जागना, जंक फूड, धूम्रपान, शराब, व्यायाम की कमी और बढ़ता ब्लड प्रेशर युवाओं के दिल पर गंभीर असर डाल रहे हैं। जरूरी है कि युवा व्यायाम करें, दिनचर्या सुधारें और अपनी कमर 36 इंच के अंदर रखें, सबसे अच्छी कमर 30-32 इंच है। इससे हार्ट अटैक की संभावना ना के बराबर रहेगी।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण (Cardiac arrest symptoms)

-अचनक से चेस्ट में बेचैनी- यह दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द जैसा महसूस हो सकता है, जो कुछ मिनटों तक रहे या चला जाए और वापस आ जाए।
-दर्द होना- शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द-यह दर्द कंधों, बांहों (खासकर बाईं), पीठ, गर्दन, जबड़े, या पेट तक फैल सकता है।
-सांस लेने में तकलीफ- सीने में दर्द के साथ या बिना सांस फूलना।
-ठंडा पसीना- अचानक ठंडा और चिपचिपा पसीना आना।
-मतली या उल्टी - पेट खराब लगना या उल्टी महसूस होना।
-चक्कर आना - अचानक चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना।