
उज्जैन. सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी मां हरसिद्धि के दरबार में हर साल नवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाता आ रहा है। नवरात्रि के दिनों की बात की जाए तो यहां रोजाना हजारों की संख्या में माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। आपको बता दें कि, माता हरसिद्धि का ये मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है, जिसे अपने चमत्कारों से भी जाना जाता है। मान्यता है कि, यहां पूजा अर्चना करने वाले की हर मनोकामना पूरी होती है।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पीछे स्थित मां हरसिद्धि का दरबार देशभर के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। हरसिद्धि के दरबार में नवरात्रि के दिनों में माता को हजारों दीप जलाकर आरती की जाती है। हरसिद्धि मंदिर के पुजारी राजू गुरु के अनुसार, भक्त मंदिर में आकर माता के सामने मनोकामना रखते हैं और जब उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है तो वो दीप प्रज्वलित कर मां की आराधना करते हैं।
सम्राट विक्रमादित्य की राग भैरवी पर खुद ही प्रज्वलित हो उठते थे दीप
खासतौर पर नवरात्रि पर्व के मौके पर यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा दीप प्रज्वलित करवाने की मची रहती है। पंडित गुरु ने बताया कि, ऐसी मान्यता है कि, हरसिद्धि मंदिर में सम्राट विक्रमादित्य जब राग भैरवी गाते थे तो दीप अपने आप प्रज्वलित हो जाते थे। मौजूदा समय में श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना पूरी होने पर दीप प्रज्वलित किये जा रहे हैं। नवरात्रि पर्व के दौरान विशेष रुप से श्रद्धालु माता से आशीर्वाद लेने यहां आते हैं।
जब जो मांगा तब वह पाया
राजधानी भोपाल से मां हरसिद्धि के दरबार दर्शन करने पहुंची आस्था अवस्थी का कहना है कि, माता हरसिद्धि से मांगी हुई कोई भी मुराद खाली नहीं जाती। उनसे जब भी जो कुछ मांगा है, वो पूरा हुआ है। उनका कहना है कि, मां हरसिद्धि के दरबार में भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। वो हर साल बड़ी नवरात्रि के दौरान माता का आशीर्वाद लेने भोपाल से यहां आती हैं।
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