
Ujjain news:मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में होने वाले सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए लंदन से अनूठी पहल सामने आई है। लंदन में रहने वाले इंदौर के एनआरआइ रोहित दीक्षित ने प्रदेश सरकार को जीपीएस इनेबल्ड ट्रैकिंग गैजेट (बैंड) देने का प्रस्ताव रखा है ताकि अपनों के बिछडऩे की स्थिति में उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस की जा सके। वे योजना का खर्च खुद उठाने को भी तैयार हैं। उन्होंने स्थानीय दूतावास के माध्यम से सरकार से संपर्क किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक श्रद्धालुओं को पहनने वाला गैजेट उपलब्ध कराया जा सकता है।
इसमें जीपीएस ट्रैकिंग सुविधा होगी। परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति की लोकेशन देखी जा सकेगी। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहली बार सिंहस्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह उपयोगी हो सकती है। रोहित का कहना है कि सरकार चाहे तो इस व्यवस्था के लिए फंडिंग की जिम्मेदारी भी वे लेने को तैयार हैं।
रोहित का कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय सिंहस्थ में आएंगे। ऐसे में एनआरआइ यात्रियों के लिए एक विशेष हेल्पडेस्क बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा विदेशी यात्रियों के लिए यूपीआइ को भी आसान बनाया जाना जरूरी है। जिससे भारी संख्या में आए लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एक्सपर्ट का मानना है कि प्रस्ताव तो अच्छा है, लेकिन अमल में लाना आसान नहीं है। उसकी बड़ी वजह सिंहस्थ में आने वालों की संख्या है जो लाखों में रहती है। ऐसे में गैजेट बांटना आसान नहीं होगा। इसके लिए पूरी व्यवस्था जुटाना सहज नहीं है। वहीं, मेले में आने वाले तकनीकी जानकार नहीं हैं जिनके लिए गैजेट के लिए प्रक्रिया का पालन करना बहुत कठिन होगा।
प्रदेश में सिंहस्थ-2028 से पहले कई विकासकार्य प्रगति पर है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ के लिए जिले में युद्धस्तर पर सड़क और हाईवे निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में पीपलीनाका से ओखलेश्वर तक की संकरी सड़क को निकट भविष्य में सुव्यवस्थित फोरलेन के रूप में तैयार करने की योजना पर काम चल रहा है। सिंहस्थ अंतर्गत उज्जैन विकास प्राधिकरण वर्तमान की 3.5 मीटर चौड़ी सडक को 30 मीटर चौड़े फोरलेन के रूप में विकसित कर रहा है। यहां आवाजाही के लिए चौड़े रास्तों के साथ ही सेंटर डिवाइडर, फुटपाथ, आकर्षक स्ट्रीट लाइट आदि सुविधाएं मिलेगी।