शिवराज सिंह पर टिप्पणी किए बगैर तोगडिय़ा बोले-मध्यप्रदेश में किसानों की हालत अच्छी नहीं
उज्जैन. विश्व हिंदू परिषद से अलग हुए हिंदूवादी नेता डॉ. प्रवीण तोगडिय़ा गुरुवार को अल्प प्रवास पर उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पूजन अभिषेक किया। इसके बाद एक कार्यकर्ता के निवास पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाने के लिए पहले उनके हाथों में जंजीर बंधी थी, लेकिन अब वह स्वतंत्र हैं। देश में किसानों को उपज का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलने पर उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों को कोसा।
मैं शिवराज सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं करता
जब मीडिया ने उनसे पूछा कि भाजपा तो दावा करती है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बड़ा कोई किसान हितैषी हो नहीं सकता, इस पर उन्होंने कहा कि मैं शिवराज सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं करता लेकिन मध्यप्रदेश में किसान लगातार आत्महत्या कर रहा है। कर्ज तले डूबा हुआ है। ऐसे में सरकार की नीतियां कैसे अच्छी कहीं जा सकती है।
नई राजनीतिक पार्टी के ऐलान पर वे बोले
अपनी नई राजनीतिक पार्टी के ऐलान पर वे बोले कि मैं किसानों, हिंदुओं व बेरोजगार युवाओं के हित में राजनीति करूंगा। इसकी क्या परिकल्पना है, इसकी जानकारी 24 जून को दी जाएगी।
विचारधाराओं से भिन्न है
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नागपुर संघ मुख्यालय में पहुंचने पर उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने वहां जवाहरलाल नेहरू और गांधी जी की विचारधारा पर बात कही है। वह उनकी विचारधारा पर बोले। जो डॉ. हेडगेवार, वीर सावरकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, की विचारधाराओं से भिन्न है।
किसान आंदोलन से भाजपा को होगा नुकसान
किसान आंदोलन से मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव पर भाजपा को नुकसान होगा। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि किसान नाराज है और उसकी नाराजगी किसी भी रूप में सामने आ सकती है।मीडिया ने उनसे पूछा कि भाजपा तो दावा करती है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बड़ा कोई किसान हितैषी हो नहीं सकता, इस पर उन्होंने कहा कि मैं शिवराज सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं करता