उज्जैन

मृत्युभोज में खाने के लिए जान की नहीं परवाह, मची भगदड़, तोड़ दिए दरवाजे, हुई एफआइआर

तीसरी लहर में मृत्युभोज में उमड़ा जनसैलाब, खाने के लिए तोड़ दिए दरवाजे, मची भगदड़

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मृत्युभोज में खाने के लिए जान की नहीं परवाह, मची भगदड़, तोड़ दिए दरवाजे, हुई एफआइआर

उज्जैन. कोरोना काल में जहां लोग काफी एतिहात बरत रहे हैं, प्रशासन बार बार लोगों को अलर्ट कर रहा है, सोशल डिस्टेसिंग और मास्क पहनने की हिदायत दे रहा है, हर व्यक्ति को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सीएम तक वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं एक गांव में मृत्युभोज के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ गया, आश्चर्य की बात तो यह है कि लोगों ने खाने के पीछे धर्मशाला का गेट तक तोड़ दिया, यहां मची भगदड़ से साफ नजर आ रहा है कि लोगों को जान की परवाह नहीं है, बल्कि खाने की चिंता है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, यह वीडियो ग्राम लेकोड का बताया जा रहा है। यहां 104 वर्षीय वृद्ध के निधन पर मृत्युभोज का आयोजन किया गया था, जहां जीमने के लिए ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा, यहां इतनी संख्या में लोग आए कि आयोजकों को भी भीड़ नियंत्रित करना मुश्किल हो गया, लोग खाने के लिए ऐसे बेसब्र थे कि उन्होंने धर्मशाला का दरवाजा तक तोड़ दिया, यहां खाने के पीछे भगदड़ मच गई, यह वीडियो वायरल होने के बाद आयोजकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वहीं पुलिस जांच में जुट गई है।


गांव में कोरोना गाइड लाइन के विरूद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इसके बाद लोग धर्मशाला मेंं अंदर जाने के लिए ऐसी कोशिश करने लगे कि धर्मशाला का गेट तक टूट गया, यहां तक की कई लोग नीचे भी गिर गए। भोजन के दौरान मची भगदड़ को देखकर हर कोई हैरान है। यह तो अच्छा हुआ कि बड़ा हादसा होते होते टल गया, लेकिन यहां अगर कोई संक्रमित आया होगा, तो निश्चित ही वह कई लोगों को कोरोना परोस गया होगा।

एक ग्रामीण ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यहां की आबादी 5 हजार की है, चूंकि गांव में किसी भी आयोजनों में पूरा गांव शामिल होता है, ऐसे में गांव के आत्माराम पटेल के निधन का मृत्युभोज था, इस कार्यक्रम में जमकर लोग शामिल हुए। चूंकि महिलाएं भोजन कर रही थी, इसलिए पुरुषों का भोजन रोक रखा था, इस कारण गेट पर काफी भीड़ जमा हो गई थी, इसी दौरान का यह वीडियो है।

कोरोना की तीसरी लहर के दौरान जारी की गई गाइडलाइन के तहत विवाह समारोह में 200, अंतिम संस्कार के दौरान 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति है। इसके बावजूद यहां हालात बेकाबू नजर आए।

Updated on:
31 Jan 2022 02:03 pm
Published on:
31 Jan 2022 01:08 pm
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