
उज्जैन. इस्कॉन मंदिर द्वारा भगवान श्री जगन्नाथजी की 12वीं रथयात्रा निकाली जाएगी, जो 14 जुलाई को दोपहर 2 बजे बुधवारिया से आरंभ होगी। इसके पहले दोपहर 1 बजे से अनुष्ठान पूजा के बाद रथ की पूजा, नारियल आरती, अतिथियों द्वारा स्वर्ण झाड़ू से रथ का मार्ग साफ करके रस्सियों से खींचकर भगवान की रथयात्रा आरंभ की जाएगी।
यह रहेगा यात्रा मार्ग
पीआरओ राघव पंडितदास ने बताया कि रथ यात्रा कंठाल, नई सड़क, फव्वारा चौक, दौलतगंज, मालीपुरा, देवास गेट, चामुंडा माता मंदिर से ओवर ब्रिज होते हुए टावर, तीन बत्ती, देवास रोड होते हुए इस्कॉन मंदिर गुण्डिचा पहुंचेगी। रथयात्रा में हाथी, तुरही वादन, बैलगाडिय़ों में झांकियां, भक्तों की कीर्तन मंडली, प्रसाद वितरण वाहन, एंबुलेंस एवं अंत में सड़क पर फैले कचरे को समेटते हुए भक्तों का समूह यात्रा मार्ग में लगभग 125 स्थानों पर विभिन्न संगठनों द्वारा स्वागत किया जाएगा।
ये होंगे शामिल
मध्यप्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल, भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आने की संभावना है। ऊर्जा मंत्री पारस जैन, सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय, राज्यसभा सांसद सत्यनारायण जटिया, विधायक मोहन यादव, दिवाकर नातू, सोनू गेहलोत, जगदीश अग्रवाल, महापौर मीना जोनवाल, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, संत रामेश्वरदास महाराज, रामानुजकोट के पीठाधीश्वर रंगनाथार्य महाराज एवं अन्य साधु-संतों के साथ इस्कॉन प्रमुख भक्ति चारू महाराज, भक्तिप्रेम स्वामी महाराज साथ ही प्रशासनिक अधिकारी एवं भक्तों का समूह भगवान की रथयात्रा की अगवानी के लिए तत्पर रहेंगे। यात्रा का सीधा प्रसारण भी होगा।
दर्शन मात्र से मिलती है मुक्ति
पौराणिक आख्यान अनुसार रथ में विराजित भगवान जगन्नाथजी के दर्शन मात्र से पुनर्जन्म से मुक्ति मिल जाती है। परमेश्वर इस यात्रा में इतने आनंद विभोर होते हैं कि दर्शन करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। स्कंदपुराण के अनुसार भगवान जगन्नाथ ने महाराज इंद्रध्युम्न को वचन दिया था कि प्रत्येक आषाढ़ शुक्ल की द्वितीय में उनके घर आकर रुकेंगे। इसी परंपरा में गुण्डिचा मंदिर इस्कॉन गोशाला में जगन्नाथ जी सात दिन रुकेंगे एवं उनके आमोद-प्रमोद हेतु प्रतिदिन रमाकांत प्रभु के मुखारविंद से कथा की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे रथ की वापसी ट्रेजर बाजार काला पत्थर से बसंत विहार कालोनी, सर्किट हाउस, देवास रोड होते हुए इस्कॉन मंदिर जाएगी।