उज्जैन

महाकाल को पगड़ी भेंट करेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरक्षा के लिए उज्जैन में लगाए 2 हजार पुलिसकर्मी

Mahakal Procession Ujjain : भगवान महाकालेश्वर की अंतिम 'राजसी सवारी' आज, सोमवार को सुबह 6 बजे बंद कर दिया सवारी मार्ग, सिंधिया स्टेट की परंपरा निभाएंगे केंद्रीय मंत्री, उज्जैन में कड़ी सुरक्षा
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Updated: 7 Sep 2026, 1:38 PM IST
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उज्जैन में सिंधिया स्टेट की परंपरा निभाएंगे केंद्रीय मंत्री - jyotiraditya scindia ज्योतिरादित्य सिंधिया (source- jyotiraditya scindia facebook page)

Jyotiraditya Scindia : उज्जैन में श्रावण-भाद्रपद माह के अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर की अंतिम 'राजसी सवारी' आज नगर भ्रमण पर निकलेगी। सोमवार को भगवान महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए दिव्य स्वरूप में नगर में भ्रमण करेंगे। इस धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। महाकाल की राजसी सवारी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे। वे परंपरागत पगड़ी भेंट करेंगे। राजसी सवारी के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 7 किमी के दायरे में 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

महाकाल की राजसी सवारी के दौरान भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के चलते दोपहर 11 बजे से शहर के 32 प्रमुख रास्तों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं सवारी मार्ग सुबह 6 बजे से बंद कर दिए गए हैं।

सिंधिया परिवार की तरफ से महाकाल को पगड़ी भेंट की जाएगी

इस बार भी सिंधिया स्टेट की ओर से राजसी सवारी में शामिल होने की परंपरा को आगे बढ़ाने मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन आ रहे हैं। जब पालकी गोपाल मंदिर पहुंचेगी, तो सिंधिया परिवार की तरफ से उन्हें स्टेट की पगड़ी भेंट की जाएगी। सिंधिया परिवार की ओर से की जाने वाली आरती की परंपरा का निर्वाहन किया जाएगा। इससे पहले वे दिवंगत पूर्व मंत्री पारस जैन के घर शोक संवेदना व्यक्त करने जाएंगे।

आकाशवाणी पर 8 घंटे प्रसारण

बाबा महाकाल की राजसी सवारी का दोपहर 2 से रात 10 बजे तक लगातार 8 घंटे सजीव प्रसारण होगा। आकाशवाणी उज्जैन की यह पहल मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित की जाएगी। कार्यक्रम अधिकारी ब्रह्मप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि गैर-खेल गतिविधियों के क्षेत्र में इतनी लंबी अवधि का यह अनूठा रेडियो प्रसारण होगा। कार्यक्रम प्रमुख अनामिका चक्रवर्ती ने बताया कि आयोजन को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए नामांकित किया गया है। श्रद्धालु एफएम 102.5 मेगा हर्ट और न्यूज ऑन एआइआर पर प्रसारण सुन सकेंगे।

सवारी मार्ग

राजसी सवारी महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, पानदरीबा, कहारवाड़ी और रामानुजकोट होते हुए रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा जल से पूजन-अर्चन किया जाएगा। आरती के बाद सवारी गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, कमरी मार्ग, टंकी चौक, तेलीवाड़ा, कंठाल, सतीगेट, खड़े हनुमान और गोपाल मंदिर पहुंचेगी। यहां सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन के बाद सवारी पटनी बाजार, गुदरी और महाकाल घाटी होते हुए पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।

इन मुखारविंदों के होंगे दर्शन

माह की दूसरी और अंतिम सवारी 7 सितंबर को प्रमुख राजसी सवारी के रूप में निकलेगी। इस दौरान रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा- महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद व श्री सप्तधान का मुखारविंद सम्मिलित रहेगा।

Updated on:
7 Sep 2026, 1:38 PM IST
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